राहुल गांधी बताएं कि उन्होने श्री दरबार साहिब पर हमला करने के अपनी दादी के फैसले की निंदा क्यों नही की: शिरोमणी अकाली दल

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चंडीगढ़: शिरोमणी अकाली दल ने आज कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से कहा कि उन्हे खुलकर सामने आकर सिख समुदाय को बताना चाहिए कि उन्होने अपनी दादी इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस पार्टी द्वारा श्री दरबार साहिब पर टैंकेां और तोपों से हमला करने के फैसले की कभी निंदा क्यों नही की और यह भी बताएं कि 1984 में सिख कौम के साथ हुए कत्लेआम में अपने परिवार की भूमिका की कभी निंदा क्यों नही की।

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि हालांकि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिंदबरम ने हाल ही में कहा था कि इंदिरा गांधी ने श्री दरबार साहिब पर हमले का आदेश देकर बहुत गलत फैसला लिया था, लेकिन उन्होने इसे पुलिस, सेना और सरकार का सामूहिक फैसला बताया। उन्होने कहा,‘‘ श्री दरबार साहिब पर हमले का आदेश इंदिरा गांधी ने दिया था, जिन्होने इसका विरोध करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिन्हा को भी दरकिनार कर दिया था।’’ उन्होने कहा कि यह सब जानते हैं कि हमले की कार्रवाई के लिए ब्रिटेन सरकार सहित विदेशी एजेंसियों से सलाह ली गई थी। उन्होने कहा,‘‘ यह स्पष्ट है कि यह इंदिरा गांधी का एकमात्र फैसला था।’’

यह कहते हुए कि कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले से खुद को कभी अलग नही किया, स. ग्रेवाल ने कहा कि चिंदबरम यह स्वीकार करने के बाद कि यह गलत कदम था, सोनिया और राहुल गांधी दोनों को इस मदुदे पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होने आगे कहा,‘‘ नेताओं को यह बताना चाहिए कि उन्होने कभी भी इस कृत्य की निंदा क्यों नही की जिसका मकसद सिख परंपराओं और सिख संस्थाओं को तबाह करना था।’’

सरदार ग्रेवाल ने कहा कि चिंदबरम भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से मुकर नही सकते क्योंकि वे कांग्रेसी नेता के तौर पर 2008 से 2012 तक गृह मंत्री रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ श्री दरबार साहिब पर हमले और 1984 के कत्लेआम से जुड़ी सभी संबंधित फाइलें उनके पास थी। उन्होने दोनों ही मुददों पर कभी कोई सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नही की। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होने ऐसा क्यों नही किया।’’ वरिष्ठ अकाली नेता ने पंजाब कांग्रेस नेतृत्व से इस मुददे पर अपना रूख स्पष्ट करने के लिए कहते हुए कहा,‘‘ पंजाब कांग्रेस को बताना चाहिए कि वह इंदिरा गांधी के रूख का समर्थन करती है यां विरोध करती है।’’

सरदार ग्रेवाल ने हरियाणा पुलिस के एडीजीपी वाई.पूरन सिंह की आत्महत्या को निंदनीय घटना करार दिया तथा मृतक अधिकारी की पत्नी जो खुद एक आईएएएस अधिकारी है, के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा,‘‘ अकाली दल इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने की उनकी मांग का समर्थन करता है।’’ उन्होने कहा कि एक आईएएस अधिकारी की पत्नी की मांगें क्यों नही मान रही है। उन्होने कहा कि सरकार को किसी को बचाने की कोशिश नही करनी चाहिए और जाति के आधार पर भेदभाव का शिकार हुए एडीजीपी को न्याय मिलना सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होने जोर देकर कहा कि इस मामले पर राजनीति नही की जानी चाहिए और चंडीगढ़ प्रशासन पर न्याय दिलाने के लिए उचित दबाव डाला जाना चाहिए।

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