150 करोड़ के घोटाले में ED का बड़ा एक्शन; अंबाला जेल में 5 दिन तक 9 आरोपियों से होगी आमने-सामने पूछताछ

Haryana

पंचकूला/अंबाला: पंचकूला नगर निगम में हुए 150 करोड़ रुपये के बहुचर्चित फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) घोटाले की जांच अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर आ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मनी ट्रेल का पता लगाने के लिए दायर की गई याचिका को विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब ईडी की टीम अंबाला सेंट्रल जेल में बंद कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन मैनेजर समेत 9 मुख्य आरोपियों से लगातार 5 दिनों तक आमने-सामने गहन पूछताछ करेगी।

सीसीटीवी की निगरानी में दर्ज होंगे बयान

विशेष अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा-50 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति दी है।

  • तारीख और समय: यह पूछताछ 13 से 17 जुलाई तक रोजाना सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी।

  • कड़ी सुरक्षा: पूरी पूछताछ जेल परिसर में लगे CCTV कैमरों की सख्त निगरानी में होगी और इसकी वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखा जाएगा।

  • वकीलों की मौजूदगी: पूछताछ के दौरान आरोपियों के वकील कुछ दूरी पर मौजूद रह सकते हैं, लेकिन उन्हें जांच अधिकारियों और आरोपियों के बीच होने वाली बातचीत को सुनने की अनुमति नहीं होगी।

गबन और साजिश की कड़ियां जोड़ेगी ED

ईडी की इस कार्रवाई का मुख्य मकसद 150 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम गबन की पूरी ‘मनी ट्रेल’ (पैसे कहां-कहां गए) को खंगालना है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जवाब तलाशेगी:

  • सरकारी धन को साफ करने की इस बड़ी साजिश का ब्लूप्रिंट किसने तैयार किया?

  • बैंक के स्तर पर फर्जी दस्तावेज और फर्जी एफडीआर किस तरह तैयार की गईं?

  • नगर निगम के खातों से लूटी गई यह सरकारी रकम आखिरकार किन-किन निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की गई?

यह पूरा मामला 30 मार्च को ED द्वारा दर्ज की गई ECIR से जुड़ा है, जिसकी नींव एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पंचकूला द्वारा 24 मार्च को दर्ज की गई मूल FIR पर आधारित है।

बैंक मैनेजर ही निकला महा-घोटाले का मास्टरमाइंड

आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, नगर निगम पंचकूला की कोटक महिंद्रा बैंक (सेक्टर-11 शाखा) में जमा करोड़ों की सरकारी राशि को बेहद शातिराना ढंग से ठिकाने लगाया गया था।

  • मुख्य साजिशकर्ता: इस पूरे स्कैम का मास्टरमाइंड बैंक का तत्कालीन ब्रांच मैनेजर पुश्पिंदर सिंह है, जिसे ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

  • सह-आरोपी: पुश्पिंदर ने विकास कौशिक, दिलीप कुमार राघव और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस सुनियोजित धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। बाकी सभी आरोपी फिलहाल अंबाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *