SPORTS DESK : भारत के स्टार लंबी कूद एथलीट मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में लंबी कूद स्पर्धा में पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में अपनी खास पहचान और मजबूत कर ली। फाइनल मुकाबले में श्रीशंकर ने दबाव के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया और निर्णायक प्रयासों में बेहतरीन छलांग लगाकर पदक अपने नाम किया। उनकी निरंतरता और बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारत के सबसे भरोसेमंद एथलीटों में शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ श्रीशंकर लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में लंबी कूद का पदक जीतने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। उनकी इस सफलता को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मुकाबले के बाद श्रीशंकर ने अपनी सफलता का श्रेय कोच, सपोर्ट स्टाफ और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों की कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास का परिणाम उन्हें इस पदक के रूप में मिला है। उनका लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करना है। भारतीय दल के लिए यह पदक बेहद अहम माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीशंकर ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित करते हुए भारत की पदक उम्मीदों को नई मजबूती दी है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है और श्रीशंकर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व का एक और मौका दिया है। अब खेल प्रेमियों की नजरें उनके आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं।


