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हरियाणा में मानसून की वापसी: कई जिलों में झमाझम बारिश से राहत, 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

हिसार। हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर जोरदार रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश ने लोगों को लंबे समय से सता रही भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि, झज्जर समेत कई शहरों में तेज बारिश के बाद सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 3 दिनों तक राज्य में बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है।

झज्जर में जलभराव, हिसार-रोहतक समेत कई जिलों में अच्छी बारिश

बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव झज्जर जिले में देखने को मिला, जहाँ महज कुछ घंटों की तेज वर्षा के बाद प्रमुख सड़कें और निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। इसके चलते यातायात बाधित रहा और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में काफी समय लगा।

इसके अलावा हिसार, रोहतक, भिवानी, जींद और आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी का असर कम हो गया है।

4 से 6 अगस्त तक तेज बारिश की चेतावनी

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने एक मजबूत मौसमी तंत्र (Weather System) के कारण मानसूनी हवाएं फिर से सक्रिय हुई हैं।

इसके प्रभाव से 4 से 6 अगस्त के दौरान हरियाणा के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।

7-8 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 7 और 8 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। इस दौरान:

  • अधिकांश इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।

  • कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

  • दिन के तापमान में हल्की गिरावट बनी रहेगी, जबकि रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग व कृषि वैज्ञानिकों की सलाह:

  • आम जनता के लिए: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

  • किसानों के लिए: खेतों में जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था रखें और मौसम के ताजा पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही कृषि कार्य करें।

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