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विदेशों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अनधिकृत छपाई पर अकाल तख्त सख्त, जांच के बाद होगी कार्रवाई

अमृतसर: विदेशों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की कथित अनधिकृत छपाई के मामलों को श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीरता से लिया है। अमेरिका और ब्रिटेन में इस तरह की गतिविधियों की जानकारी सामने आने के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जत्थेदार ने यह बात अमेरिका में अकाल तख्त साहिब कमेटी के कोऑर्डिनेटर भाई स्विंदर सिंह के साथ मुलाकात के दौरान कही। बैठक में विदेशों में रहने वाली सिख संगत और गुरुद्वारा साहिबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

केवल एसजीपीसी को छपाई का अधिकार

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की छपाई का अधिकार केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पास है। उन्होंने कहा कि विदेशों में किसी अन्य संस्था या व्यक्ति की ओर से स्वरूपों की अनधिकृत छपाई की जाती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इससे पहले चीन समेत कुछ अन्य देशों से भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिन पर कार्रवाई की गई थी। अब अमेरिका और ब्रिटेन से सामने आई जानकारी की भी जांच की जाएगी।

विदेशों के गुरुद्वारों में मर्यादा पालन पर जोर

जत्थेदार ने विदेशों में स्थित गुरुद्वारा साहिबों में सिख मर्यादा का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंध में स्थानीय सिख संगत की भागीदारी होनी चाहिए और व्यवस्थाएं निर्धारित धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप संचालित की जानी चाहिए।

गुरबाणी प्रसारण को लेकर भी जत्थेदार ने रखी बात

बैठक के दौरान गुरबाणी प्रसारण से जुड़े विवाद पर भी चर्चा हुई। ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि गुरबाणी सर्वसाझी है, लेकिन इसके प्रसारण को लेकर एसजीपीसी की अनुमति आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी चैनल अपनी मर्जी से गुरबाणी का प्रसारण नहीं कर सकता।

उन्होंने एसजीपीसी के आधिकारिक चैनल को जल्द शुरू करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी गई है। जत्थेदार ने कहा कि इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि गुरबाणी के प्रसारण से जुड़े मामलों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

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