जालंधर। अलास्का चौक पर करतार बस की चपेट में आने से एक एक्टिवा सवार डिलीवरी ब्वॉय की दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँचकर कमिश्नर को मांग पत्र सौंपा और आरोपी बस चालक व ट्रांसपोर्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा नेताओं की प्रमुख मांगें:
- बसों के लिए समय-सीमा: शहर के तंग रास्तों (जैसे बस स्टैंड मार्ग, भगत सिंह चौक आदि) पर बसों के आने-जाने का समय तय किया जाए।
- नो-एंट्री का कानून: ट्रकों की तरह बसों के लिए भी शहर के भीतर नो-एंट्री के कड़े नियम लागू किए जाएं।
अशोक सरीन का तर्क: “जब शहर में दुकानदारों के ट्रकों के प्रवेश पर सुबह से शाम तक नो-एंट्री का नियम लागू हो सकता है, तो निजी ट्रांसपोर्टरों की बसों के लिए कोई रोक-टोक क्यों नहीं है? यह कोई पहली घटना नहीं है, पहले भी ऐसे कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं।”
पुलिस कमिश्नर का जवाब और आश्वासन:
- कानून की कमी: पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में शहर में ट्रकों की नो-एंट्री के लिए कानून मौजूद है, लेकिन बसों पर रोक के लिए ऐसा कोई विशेष कानून नहीं है।
- सरकार को पत्र: कमिश्नर ने जानकारी दी कि शहर में बसों की एंट्री को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है, ताकि अन्य राज्यों की तर्ज पर जालंधर में भी बसों की नो-एंट्री का कानून बन सके।
- रूट व समय सारणी: जल्द ही एक चार्ट तैयार किया जाएगा जिसके तहत शहर में बसों के आवागमन का समय निर्धारित होगा।
सत्ता पक्ष पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता के.डी. भंडारी ने किसी का नाम लिए बिना कांग्रेस नेता पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “जो लोग खुद विधानसभा में कानून बनाते हैं, वही सत्ता के गरूर में कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अब इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पुलिस कमिश्नर द्वारा इस पूरे मामले में 2 से 3 दिन के भीतर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही भाजपा नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराकर ज्ञापन सौंपा।


