कोलंबो: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक जड़कर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने 168 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 117 रन की बेहतरीन पारी खेलकर आउट हुए। इससे पहले गॉल में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भी उन्होंने शतक लगाया था।
पडिक्कल पिछले सात साल में विदेश में लगातार दो टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले चेतेश्वर पुजारा ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक जड़ने का कारनामा किया था।
श्रीलंका में पडिक्कल का दूसरा शतक
देवदत्त पडिक्कल का कोलंबो टेस्ट में लगाया गया शतक श्रीलंका की धरती पर उनका दूसरा टेस्ट शतक है। इस शतक के साथ उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है। विराट कोहली ने भी श्रीलंका में अपने टेस्ट करियर के दौरान दो शतक लगाए हैं।
पडिक्कल और विराट के अलावा विनोद कांबली, मोहम्मद अजहरुद्दीन, नवजोत सिंह सिद्धू और अजिंक्य रहाणे भी श्रीलंका में दो-दो टेस्ट शतक लगा चुके हैं। वहीं, वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा के नाम श्रीलंका में तीन-तीन टेस्ट शतक हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर पांच शतकों के साथ सबसे आगे हैं।
सात साल बाद दोहराया पुजारा का कारनामा
टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए विदेश में लगातार दो शतक लगाने का कारनामा भारतीय बल्लेबाज ने करीब सात साल बाद दोहराया है। देवदत्त पडिक्कल से पहले चेतेश्वर पुजारा ने 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर यह उपलब्धि हासिल की थी।
पडिक्कल के लगातार दो शतकों से भारतीय टीम को मध्यक्रम में मजबूती मिली है और उन्होंने विदेश में अपनी बल्लेबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।
पहले दिन भारत ने बनाए 300 रन
कोलंबो टेस्ट के पहले दिन 85 ओवर का खेल हुआ, जिसमें भारत ने पांच विकेट खोकर 300 रन बना लिए। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रनों की शानदार पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतक लगाते हुए 50 रन बनाए।
इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का योगदान दिया। केएल राहुल 18 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत तीन रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गए।
दिन का खेल खत्म होने तक ध्रुव जुरेल 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने भारतीय टीम के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।


