जालंधर: शहर के व्यापारियों को रोजाना पेश आ रही समस्याओं को लेकर अब विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने एक साझा मंच पर एकजुट होने का फैसला किया है। इस मंच के जरिए व्यापारियों की समस्याओं को एकजुट होकर सरकार और संबंधित विभागों के सामने उठाया जाएगा और उनके समाधान की मांग की जाएगी।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले दिनों अलग-अलग संगठनों की ओर से तीन बार जालंधर बंद की कॉल दी गई, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ा। उनका कहना है कि व्यापारी वर्ग पहले ही कई आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है और बार-बार दुकानें बंद रहने से कारोबार को और नुकसान उठाना पड़ता है।
इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी विभाग की ओर से की जा रही रेड का मुद्दा भी उठाया। व्यापारियों के मुताबिक जीएसटी की कार्रवाई से उनके कामकाज पर असर पड़ता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए ऐसे मामलों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाए।
व्यापारियों की ओर से तैयार किए जा रहे साझा मंच में जालंधर के अलग-अलग व्यापारिक वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर के सभी व्यापारियों की समस्याओं को एक साझा आवाज देना है। व्यापारियों का कहना है कि भविष्य में इस मंच को राज्य स्तर पर भी सक्रिय किया जाएगा, ताकि पंजाब भर के व्यापारियों से जुड़े मुद्दे उठाए जा सकें।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि किसी संगठन की ओर से बंद की कॉल दी जाती है तो उससे पहले व्यापारियों के साथ बैठक की जानी चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी बंद या विरोध प्रदर्शन का फैसला लेने से पहले व्यापारियों के समर्थन और उनके कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाना जरूरी है।
व्यापारी वर्ग ने कहा कि शहर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में व्यापारियों से जुड़े किसी भी फैसले से पहले उनकी राय लेना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि साझा मंच के गठन से व्यापारियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा और भविष्य में बंद जैसे फैसलों से पहले व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा।


