अमृतसर: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ श्री अकाल तख्त साहिब ने कड़ा रुख अपनाते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला और अकाल तख्त साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला रविवार को पांच सिंह साहिबानों की एक अहम बैठक के बाद लिया गया।
पांच सिंह साहिबानों की बैठक में हुआ फैसला
अकाल तख्त सचिवालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने की। बैठक में सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह, अकाल तख्त के ग्रंथी गुरबख्शीश सिंह, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार टेक सिंह और पंज प्यारे समूह के सदस्य मंगल सिंह शामिल थे। सिख मर्यादाओं के उल्लंघन के आधार पर यह निष्कासन किया गया। जत्थेदार ने समूची सिख संगत को निर्देश जारी किया है कि वे चावला से पूर्ण दूरी बनाए रखें और उन्हें सिख संस्थानों के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल न होने दें।
क्या है पूरा मामला? यह कार्रवाई आनंदपुर साहिब में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई गंभीर शिकायत के बाद सामने आई है:
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अमरजीत सिंह चावला पर आरोप: चावला के खिलाफ दुष्कर्म, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। केस दर्ज होने के बाद उन्होंने एसजीपीसी की सदस्यता और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए झूठा व मनगढ़ंत बताया है।
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ज्ञानी मलकीत सिंह पर आरोप: अकाल तख्त साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी मलकीत सिंह पर एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उसी शिकायतकर्ता महिला को आपत्तिजनक और अश्लील संदेश भेजने का आरोप है।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते शनिवार को ही ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के एक चालक मोहन सिंह को उनके पदों से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद रविवार को अकाल तख्त ने पंथ से निष्कासन की अंतिम मुहर लगा दी।


