लखनऊ: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम की जीत के हीरो कप्तान श्रेयस अय्यर रहे, जिन्होंने अपने टी20 करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए नाबाद शतक जड़ा।
श्रेयस अय्यर ने महज 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। यह टी20 क्रिकेट में श्रेयस का पहला शतक भी है। अपनी इस धमाकेदार पारी के बाद श्रेयस ने ऐसा खुलासा किया, जिसने करीब दो दशक पुराने हर्शल गिब्स के ऐतिहासिक प्रदर्शन की याद दिला दी।
जेटलैग से परेशान थे श्रेयस
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने बताया कि व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह जेटलैग से जूझ रहे थे। भारतीय टीम ने हाल ही में जापान में एशियन गेम्स का फाइनल खेला था, जहां उसने पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद खिलाड़ियों को ज्यादा आराम का मौका नहीं मिला और उन्हें तुरंत भारत लौटना पड़ा।
3 अक्टूबर को एशियन गेम्स का फाइनल खेलने के बाद भारतीय टीम स्वदेश लौटी और कुछ ही दिनों बाद 6 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले में उतर गई। ऐसे व्यस्त कार्यक्रम के बीच श्रेयस ने शानदार शतक लगाकर सभी को चौंका दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि बातचीत के दौरान श्रेयस ने स्वीकार किया कि उन्हें नींद आ रही थी। यानी शरीर भले ही थकान और जेटलैग से जूझ रहा था, लेकिन बल्ला पूरी तरह लय में था।
श्रेयस के बयान से याद आया हर्शल गिब्स का शतक
श्रेयस की यह कहानी सुनकर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हर्शल गिब्स की याद आना स्वाभाविक है। गिब्स ने मार्च 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस ऐतिहासिक वनडे मुकाबले में 175 रन की तूफानी पारी खेली थी, जिसे क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार रन चेज में गिना जाता है।
उस मुकाबले से एक रात पहले गिब्स कथित तौर पर देर रात तक शराब पी रहे थे और अगले दिन हैंगओवर से जूझ रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने 111 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के 434 रन के विशाल लक्ष्य को हासिल कर लिया था।
करीब दो दशक बाद भी 434 रन का यह सफल रन चेज वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे यादगार रिकॉर्ड में शामिल है।
नींद से जूझते हुए श्रेयस ने मचाया धमाल
श्रेयस अय्यर की कहानी हर्शल गिब्स से पूरी तरह अलग है, लेकिन दोनों पारियों में एक दिलचस्प समानता जरूर है। एक बल्लेबाज ने हैंगओवर के बावजूद शतक जड़ा था, जबकि श्रेयस ने जेटलैग और नींद की कमी के बीच अपने टी20 करियर की सबसे बेहतरीन पारी खेल डाली।
श्रेयस की 102 रन की नाबाद पारी ने न सिर्फ भारत को सीरीज में बढ़त दिलाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी एक शीर्ष बल्लेबाज किस तरह अपने प्रदर्शन से मुकाबले का रुख बदल सकता है।


