सोचिए, पूरा हरियाणा कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता – वो जो रोज स्टेज पर चिल्लाते हैं ‘राहुल जी जिंदाबाद’ – वो सब बाहर ठंडे बस्ते में! क्यों? क्योंकि अंदर सिर्फ ‘सिलेक्टेड’ एंट्री! प्रदेश अध्यक्ष उदय भान, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुरुक्षेत्र जिले के लोकल विधायक… और चौथा नाम? पंचकूला के चंद्रमोहन बिश्नोई!
अरे वाह! चंद्रमोहन कौन? कुरुक्षेत्र से तो नहीं, प्रोटोकॉल में नाम तो नहीं, फिर ये ‘स्पेशल इनविटेशन’ कैसे? बड़े-बड़े हरियाणा कांग्रेस लीडर्स बाहर खड़े, एंट्री डिनाय! ये क्या ‘खेमे की जंग’ चल रही है? आज खोलते हैं इस राज का पिटारा – सब्सक्राइब करो, लाइक ठोको, और देखो पूरी सच्चाई! चलो, डाइव करते हैं ड्रामे में!
‘नो एंट्री’ से ‘VIP एंट्री’ तक
“अब आता है असली मसाला – सांसद कुमारी सैलजा! वो तो उत्तराखंड प्रभारी हैं, कुरुक्षेत्र से कोई लेना-देना नहीं। लेकिन कार्यक्रम में हाजिर! क्यों? क्योंकि ये ‘खेमे की सॉलिडैरिटी’ है, दोस्तों! सैलजा जी ने खुद चंद्रमोहन को राहुल गांधी से इंट्रोड्यूस करवाया – ‘राहुल जी, ये हमारे चंद्रमोहन बिश्नोई हैं!’ – और बुकेट थमाया, फोटो क्लिक! वाह रे सिस्टम! बाहर बड़े नेता ‘वेटिंग लिस्ट’ पर, अंदर ये ‘ब्रोमांस’!
कहते हैं ना, ‘एकता में बल’? सैलजा जी का अपने ‘कैंप’ के नेताओं का ये खुला साथ – वाह! काबिले-तारीफ! लेकिन सवाल ये – क्या ये हुड्डा खेमे की ‘स्ट्रेटजी’ है? या सैलजा जी राहुल को ‘मैसेज’ दे रही हैं – ‘हमारा ग्रुप इग्नोर मत करो!’ हरियाणा कांग्रेस में तो ‘खेमे की जंग’ पुरानी है – हुड्डा vs सैलजा vs बाकी। लेकिन ये ‘एक्सक्लूसिव एंट्री’ तो साफ बता रही – पावर शिफ्ट हो रहा है!
सिर्फ 4 लोग अंदर!
अब थोड़ा एनालिसिस – क्यों चंद्रमोहन को ये ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’? पंचकूला से कुरुक्षेत्र दूर, लेकिन राजनीति में ‘दूरी’ मायने नहीं रखती! शायद सैलजा जी का ‘ट्रस्ट फैक्टर’ – वो जो बिश्नोई परिवार से जुड़े हैं, हरियाणा में उनका वजन! या फिर राहुल गांधी को ‘यंग ब्लड’ दिखाने का प्लान? लेकिन सच्चाई ये – बड़े नेताओं को बाहर रखना ‘सिग्नल’ है! ‘खेमे चुनो, या बाहर रहो!’
हंसी आती है ना? कांग्रेस कहती है ‘एकता’, लेकिन ये तो ‘सेलेक्टिव पार्टी’! हरियाणा में चुनाव आने वाले हैं – क्या ये ‘खेमे का गठबंधन’ BJP को फायदा देगा?
