Entertainment desk: ‘बॉर्डर 2’ को लेकर जो जबरदस्त हाइप बनी थी, वह अब थिएटर्स में दिख रहे रिस्पॉन्स से सच साबित हो रही है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। फिल्म में सनी देओल के साथ-साथ वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ की परफॉर्मेंस को दर्शक खूब सराह रहे हैं। फिल्म की सफलता के बीच दिलजीत ने अपने बचपन की एक ऐसी याद साझा की है, जिसे सुनकर प्रशंसक भावुक हो गए हैं।
कभी फिल्म देखने के नहीं थे पैसे, आज बने उसका हिस्सा
दिलजीत ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि जब साल 1997 में पहली ‘बॉर्डर’ रिलीज हुई थी, तब वह उसे देख नहीं पाए थे। उन्होंने कहा:
“मुझे आज भी याद है कि जब पहली ‘बॉर्डर’ आई थी, तो हर कोई उसे देखने जा रहा था। मेरा भी बहुत मन था, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वे मुझे पैसे दे सकें। तब मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं इसी फिल्म के सीक्वल का हिस्सा बनूंगा।”
परमवीर चक्र विजेता की भूमिका निभाना गर्व की बात
दिलजीत इस फिल्म में फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं, जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। दिलजीत ने दर्शकों से अपील की है कि वे इस वीर योद्धा के बारे में जरूर पढ़ें और उनके बलिदान को समझें। उन्होंने इस किरदार को निभाना अपने लिए एक बड़ा सम्मान बताया।
विवादों को पीछे छोड़ आगे बढ़ी फिल्म
दिलजीत के लिए ‘बॉर्डर 2’ का सफर आसान नहीं रहा। पिछले साल उनकी कास्टिंग को लेकर काफी विरोध हुआ था।
विवाद की वजह: दिलजीत की फिल्म ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर की मौजूदगी।
विरोध: पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध के चलते लोगों ने दिलजीत को ट्रोल किया और उन्हें ‘बॉर्डर 2’ से हटाने की मांग तक कर डाली।
नतीजा: इन तमाम विरोधों के बावजूद मेकर्स ने दिलजीत पर भरोसा बनाए रखा और आज उनके काम की हर तरफ तारीफ हो रही है।
