नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी दरियादिली और जिम्मेदारी भरे रवैये को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। फिल्म के फ्लॉप होने से मेकर्स को हुए भारी नुकसान को देखते हुए कार्तिक ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसकी पूरी इंडस्ट्री में सराहना हो रही है।
मेकर्स का बोझ कम करने के लिए छोड़ी अपनी फीस
रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म के खराब प्रदर्शन को देखते हुए कार्तिक आर्यन ने अपनी तय फीस का एक बड़ा हिस्सा छोड़ने का फैसला किया है।
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त्याग की गई राशि: ₹15 करोड़
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वजह: फिल्म की असफलता के कारण प्रोड्यूसर्स पर पड़े आर्थिक दबाव को कम करना।
“अक्सर देखा जाता है कि फिल्म के हिट होने पर सितारे क्रेडिट लेते हैं, लेकिन असफलता के वक्त कार्तिक ने खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है।”
इंडस्ट्री में कार्तिक के फैसले की गूँज
ट्रेड एक्सपर्ट्स और फिल्म जगत के लोग कार्तिक के इस फैसले को बेहद ‘मैच्योर’ और ‘प्रोफेशनल’ बता रहे हैं। आज के दौर में जहां सुपरस्टार्स अपनी करोड़ों की फीस को लेकर अड़े रहते हैं, वहां कार्तिक का अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा छोड़ देना एक मिसाल बन गया है।
क्यों खास है यह कदम?
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जिम्मेदारी का अहसास: यह दर्शाता है कि कार्तिक सिर्फ अपनी सफलता नहीं, बल्कि पूरी टीम के हित के बारे में सोचते हैं।
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इंडस्ट्री के लिए मिसाल: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य बड़े सितारे भी इसी तरह का नजरिया अपनाएं, तो संकट के समय में फिल्म इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिल सकती है।
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रिश्तों में मजबूती: इस कदम से प्रोड्यूसर्स (खासकर धर्मा प्रोडक्शंस) के साथ उनके संबंध और भी मजबूत होने की संभावना है।
सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
अनन्या पांडे के साथ उनकी जोड़ी को पर्दे पर भले ही दर्शकों का उतना प्यार न मिला हो, लेकिन असल जिंदगी में कार्तिक ने अपनी इस पहल से फैंस का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें एक ‘रिस्पॉन्सिबल सुपरस्टार’ कह रहे हैं।
