Haryana Desk: हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने महासचिव सुचित्रा देवी के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कार्रवाई सुचित्रा देवी द्वारा कांग्रेस हाईकमान और गांधी परिवार पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है।
क्या हैं आरोप?
सुचित्रा देवी और उनके पति गौरव कुमार ने दावा किया है कि बावल विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलाने के नाम पर कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनसे 7 करोड़ रुपये ऐंठे हैं। गौरव कुमार का दावा है कि उनके पास इस लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप चैट मौजूद हैं, जिसमें नेता पैसे लेने की बात स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी को इन भ्रष्ट नेताओं की हकीकत देखनी चाहिए।
सुचित्रा देवी का पक्ष: “शहीद की बेटी का अपमान”
सुचित्रा देवी ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने पार्टी की कार्रवाई से 12 दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था, जिसे जानबूझकर स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
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वे एक दलित समुदाय से आती हैं और एक शहीद की बेटी हैं।
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उनके परिवार का कांग्रेस से 56 साल पुराना रिश्ता है।
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उनके परिवार ने पार्टी की सेवा में करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन बदले में उन्हें केवल झूठे वादे और धोखा मिला।
कांग्रेस का रुख: आरोपों को बताया बेबुनियाद
कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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राव नरेंद्र सिंह (प्रदेश अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बेचने की कोई संस्कृति नहीं है। उनके पास ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है। संभव है कि टिकट न मिलने की निराशा में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हों।
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पर्ल चौधरी (महिला कांग्रेस अध्यक्ष): उन्होंने पार्टी की छवि खराब करने और अनुशासन तोड़ने के कारण सुचित्रा देवी को निष्कासित करने का आदेश जारी किया।
