नई दिल्ली : शुक्रवार को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखी गई। हफ्ते भर की रिकॉर्ड बढ़त के बाद निवेशकों द्वारा की गई ‘मुनाफावसूली’ (Profit Booking) के कारण सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
MCX पर कीमतों का हाल (भारतीय बाजार)
शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमतें लाल निशान में आ गईं:
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चांदी: मार्च डिलीवरी वाली चांदी में सुबह 17,000 रुपये से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई, जिससे कीमतें गिरकर 3.82 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गईं। हालांकि, सुबह 10 बजे तक इसमें मामूली रिकवरी हुई और यह 3,88,000 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
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सोना: सोने की कीमतों में भी करीब 3,000 रुपये की गिरावट आई, जिससे यह 1.66 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। सुबह 10 बजे के आसपास सोना 1,67,298 रुपये पर स्थिर होता दिखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार: डॉलर की मजबूती का असर
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया, जिसका मुख्य कारण मजबूत होता अमेरिकी डॉलर रहा:
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स्पॉट गोल्ड: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.9% गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। गौरतलब है कि पिछले सत्र में इसने 5,594.82 डॉलर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड छुआ था।
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चांदी का प्रदर्शन: स्पॉट चांदी 0.2% गिरकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर रही। गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर का अपना अब तक का उच्चतम स्तर देखा था।
जनवरी 2026: एक ऐतिहासिक महीना
कीमतों में आज की गिरावट के बावजूद, जनवरी का महीना सोने और चांदी के लिए ऐतिहासिक रहा है:
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1980 के बाद की सबसे बड़ी बढ़त: इस महीने सोने की कीमतों में 24% से अधिक की वृद्धि हुई है, जो पिछले 46 वर्षों का सबसे बड़ा मासिक उछाल है।
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चांदी की छलांग: चांदी ने इस महीने करीब 62% की तेजी दर्ज की है, जो इसके अब तक के सबसे बेहतरीन मासिक प्रदर्शन को दर्शाता है।
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फेडरल रिजर्व का प्रभाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने डॉलर को सहारा दिया है, जिससे फिलहाल कीमतों में मामूली नरमी आई है।
विशेषज्ञों की राय: यह गिरावट मुख्य रूप से ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक अभी भी सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मान रहे हैं।
