Sports Desk: हर्षित राणा के चोटिल होकर बाहर होने के बाद मोहम्मद सिराज की अचानक भारतीय टीम में एंट्री हुई। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिराज ने अपनी भावनाओं को साझा किया और बताया कि कैसे ऊपर वाले ने रातों-रात उनकी तकदीर बदल दी।
जब सूर्या का फोन आया
* मजाक समझा बुलावा: सिराज ने बताया कि जब टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें फोन करके बैग पैक करने को कहा, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। सिराज ने कहा, “मैंने सूर्या भाई से कहा कि मजाक मत करो, यह संभव नहीं है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि मियां मैं सच बोल रहा हूं, जल्दी आ जाओ।”
* प्लानिंग में नहीं थे शामिल: सिराज पिछले एक साल से टी20 फॉर्मेट से दूर थे, इसलिए वे मान चुके थे कि वह इस वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं होंगे। वह अपने परिवार के साथ आराम कर रहे थे जब उन्हें यह ‘शॉकिंग’ खबर मिली।
* फ्लाइट में भी था सपना: सिराज के अनुसार, टीम में शामिल होने के बाद जब वे फ्लाइट में बैठे थे, तब भी उन्हें लग रहा था कि वे कोई सपना देख रहे हैं।
सिराज की सफलता का मंत्र: “सिंपल रखो”
जब उनसे उनके जोश और रणनीति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया:
* रणजी वाला अनुभव: सिराज ने सोचा कि उन्हें वैसा ही प्रदर्शन करना है जैसा वे घरेलू क्रिकेट (रणजी) में करते आए हैं।
* विकेट-टू-विकेट गेंदबाजी: उन्होंने महसूस किया कि नई गेंद से बल्लेबाजों के लिए हिट करना आसान नहीं है, इसलिए उन्होंने सटीक लाइन और लेंथ (विकेट-टू-विकेट) पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उन्हें सफलता मिली।
* आभार: सिराज ने अपनी इस वापसी का पूरा श्रेय ‘ईश्वर’ को देते हुए कहा, “ऊपर वाले ने जो लिख दिया उसे कोई नहीं बदल सकता। गॉड इज ग्रेट।”
