News Desk: बठिंडा की अदालत ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी (कमल कौर भाभी) की हत्या के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता और कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई बार-बार समन भेजने के बावजूद आरोपी के अदालत में पेश न होने के कारण की गई है।
पुलिस की अगली रणनीति और इंटरपोल की भूमिका
बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत सिंह ढिल्लों के अनुसार, मेहरों के भगोड़ा घोषित होने से अब पुलिस के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाना आसान हो गया है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि आरोपी इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपा हुआ है। पंजाब सरकार अब केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसे भारत लाने और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज कर रही है।
हत्याकांड का मुख्य कारण और घटनाक्रम
जांच में यह बात सामने आई है कि कंचन कुमारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री को लेकर आरोपी नाराज थे। उनका आरोप था कि इस सामग्री से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
वारदात: 9-10 जून 2025 की रात को कंचन कुमारी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।
शव की बरामदगी: आरोपियों ने कंचन का शव उसकी अपनी कार में बठिंडा के भुच्चो मंडी स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में छोड़ दिया था, जिसे 11 जून की शाम को बरामद किया गया।
अब तक की गिरफ्तारियां और स्टेटस
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां कर चुकी है:
जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह: ये दोनों आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं और वर्तमान में जेल (न्यायिक हिरासत) में हैं।
रंजीत सिंह: इसे 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। रंजीत पर आरोप है कि उसने अमृतपाल मेहरों को अमृतसर एयरपोर्ट पहुँचाने में मदद की थी, जहाँ से वह विदेश भाग गया।
फिलहाल, अदालत ने मेहरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी नहीं किए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि वे उसे वापस लाने के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपना रहे हैं।
