लुधियाना: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने बुधवार को लुधियाना के मोहन दई अस्पताल का दौरा किया। यहाँ उन्होंने नशा तस्करों के हमले में घायल हुए एक साहसी नशा विरोधी कार्यकर्ता और उनके परिवार से मुलाकात की।
घायल कार्यकर्ता के साथ ‘चट्टान’ की तरह खड़ी सरकार
मुलाकात के दौरान बलतेज पन्नू के साथ विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और नशा मुक्ति मोर्चा के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। पन्नू ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:
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पूर्ण सहयोग: भगवंत मान सरकार उन योद्धाओं के साथ मजबूती से खड़ी है जो अपनी जान जोखिम में डालकर नशे के सौदागरों को बेनकाब कर रहे हैं।
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निजी निगरानी: पन्नू ने भरोसा दिलाया कि वे निजी तौर पर परिवार के संपर्क में रहेंगे और कार्यकर्ता के इलाज व सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
नशे के खिलाफ युद्ध ‘निर्णायक चरण’ में
बलतेज पन्नू ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशों के खात्मे के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रही है:
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अंतिम चरण: नशे के खिलाफ अभियान अब अपने सबसे गंभीर और अंतिम चरण में है।
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सख्त कार्रवाई: बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं और तस्करों की संपत्तियां कुर्क कर उन्हें कानूनी अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है।
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जनभागीदारी: इस मुहिम में नशा मुक्ति मोर्चा के लगभग 1.5 लाख वालंटियर जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
तस्करों को कड़ी चेतावनी
अस्पताल से बाहर निकलते हुए बलतेज पन्नू ने ड्रग माफिया को सख्त संदेश देते हुए कहा:
“नशा तस्करों के पास अब केवल दो ही रास्ते हैं—या तो वे पंजाब छोड़ दें, या फिर बिना किसी समझौते वाली कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। जब तक पंजाब नशा मुक्त नहीं हो जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
