HomePunjabगुरदासपुर में रावी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा, मकोड़ा पत्तन...

गुरदासपुर में रावी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा, मकोड़ा पत्तन पर नाव सेवा बंद; छह गांवों का संपर्क टूटा

PUNJAB DESK : पंजाब के सीमावर्ती जिला गुरदासपुर में लगातार हो रही बारिश और रावी नदी में बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के बाद मकोड़ा पत्तन पर चल रही नाव सेवा एहतियातन बंद कर दी गई है। इसके चलते रावी पार बसे छह गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी सुविधाओं के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के अनुसार, रावी नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नावों का संचालन रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नदी में तेज बहाव के कारण किसी भी प्रकार का जोखिम लेना उचित नहीं है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर सामान्य होने के बाद ही नाव सेवा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।

नाव सेवा बंद होने से रावी पार के गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय और आसपास के बाजारों से संपर्क लगभग कट गया है। ग्रामीणों को आवश्यक सामान, कृषि कार्य, स्कूल-कॉलेज आने-जाने और अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बरसात के मौसम में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी पुल का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से रावी नदी पर स्थायी पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं हुई। हर साल मानसून के दौरान अस्थायी पुल हटाना पड़ता है या नाव सेवा बंद हो जाती है, जिससे हजारों लोगों का जीवन प्रभावित होता है।

उधर, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष रावी नदी में आई बाढ़ से गुरदासपुर जिले के सैकड़ों गांव प्रभावित हुए थे। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है और नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग मानसून के दौरान बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए रावी नदी में गाद हटाने और जल निकासी क्षमता बढ़ाने का काम भी कर रहा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन यदि बारिश जारी रहती है और जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments