चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने करीब नौ साल पुराने मानहानि मामले में शिकायतकर्ता धार्मिक संगठन के साथ समझौता कर लिया है। यह मामला जनवरी 2017 में अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह की ओर से चंडीगढ़ जिला अदालत में दायर किया गया था।
राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले को खारिज करवाने के लिए सुखबीर बादल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया था।
जिला अदालत में बताया- दोनों पक्षों में समझौता
सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद 31 अगस्त को चंडीगढ़ जिला अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सुखबीर बादल के वकील ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और अगली सुनवाई के दौरान मामले को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
हालांकि, शिकायतकर्ता पक्ष के वकील को इस समझौते की जानकारी होने से इनकार किया गया। इसके चलते अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 सितंबर निर्धारित कर दी।
अब 17 सितंबर को यदि सुखबीर बादल की ओर से शिकायतकर्ता पक्ष के साथ हुए समझौते का लिखित रिकॉर्ड अदालत में पेश किया जाता है, तो इस मानहानि मामले में उन्हें राहत मिलने की संभावना है।


