चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के करीब 85 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए उन कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की तैयारी है, जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर निर्धारित है।
सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों का डीए केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा। तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने डीए बढ़ाने की सिफारिश कर दी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पास भेजा जाएगा।
85 हजार कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार के अनुसार इस फैसले से 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इनमें शिक्षक, पुलिस कांस्टेबल, क्लर्क, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, मेडिकल अधिकारी, पटवारी और जूनियर इंजीनियर समेत कई वर्ग शामिल हैं।
लाभ पाने वाले कर्मचारियों में 11,685 कांस्टेबल, 20,603 शिक्षक, 5,144 क्लर्क, 2,355 नर्स, 2,267 चपरासी, 1,467 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, 1,248 मेडिकल अधिकारी, 1,214 पटवारी और 1,129 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को था कम DA
सरकार के मुताबिक 17 जुलाई 2020 के बाद होने वाली नई भर्तियों के लिए वेतन ढांचे में बदलाव किया गया था। इन कर्मचारियों का शुरुआती वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न के अनुरूप तय किया गया, लेकिन इन्हें 42 प्रतिशत डीए मिल रहा था।
वहीं, इससे पहले भर्ती हुए कर्मचारियों को पंजाब के अपेक्षाकृत अधिक वेतनमान का लाभ मिल रहा था। ऐसे में दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के बीच डीए और वेतन ढांचे को लेकर अंतर बना हुआ था। सरकार का कहना है कि डीए बढ़ाने से इस अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।
अमन अरोड़ा बोले- कर्मचारी सुशासन की रीढ़
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और सरकार उनके अधिकारों तथा सम्मान को प्राथमिकता देती है।
अमन अरोड़ा के मुताबिक सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब सरकार का कोई कर्मचारी अपने केंद्रीय समकक्ष से कम वेतन न पाए। उन्होंने कहा कि 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए डीए में वृद्धि इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
कांग्रेस और भाजपा पर भी साधा निशाना
अमन अरोड़ा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो विपक्षी दल पंजाब के कर्मचारियों की वेतन समानता की बात कर रहे हैं, उन्हें अपने शासन वाले राज्यों में भी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को लेकर समान रुख अपनाना चाहिए।
सरकार का कहना है कि पंजाब में कई कैडरों के कर्मचारियों को पहले से ही केंद्रीय समकक्षों की तुलना में अधिक वेतन मिल रहा है। हालांकि, 2020 के बाद केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए डीए की दर कम होने के कारण अलग स्थिति बनी हुई थी।
अब अंतिम मंजूरी का इंतजार
तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी, जिसमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर शामिल हैं, ने 60 प्रतिशत डीए की सिफारिश की है। अब मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के बाद इस फैसले को लागू किए जाने का रास्ता साफ होगा।
सरकार के इस कदम से 2020 के बाद भर्ती हुए हजारों कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।


