पंजाब बजट 2026-27 पर मुहर: विधानसभा में तीन दिनों की बहस के बाद बजट पारित, वित्त मंत्री ने पेश किया 4 साल का ‘कामयाबी कार्ड’

Punjab

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 का बजट तीन दिन की व्यापक बहस के बाद आज पारित कर दिया। सदन में चर्चा का समापन करते हुए वित्त मंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के पिछले चार वर्षों के कार्यों का विस्तृत खाका पेश किया और बहस के दौरान विभिन्न विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों और सुझावों का जवाब दिया।

पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार-विरोधी सिद्धांतों और मुख्यमंत्री भगवंत मान के सक्षम नेतृत्व के तहत पैसे की चोरी के प्रति पंजाब सरकार की शून्य सहनशीलता नीति के कारण राजस्व में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हुई है। आबकारी राजस्व 20,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जीएसटी संग्रह 61,000 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 1,21,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा स्टांप और रजिस्ट्रेशन से होने वाला राजस्व 12,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खजाने में यह क्रांतिकारी बदलाव कड़ी निगरानी और ईमानदार शासन के कारण संभव हुआ है।

रोजगार सृजन और ‘आप’ सरकार की गारंटियों पर बात करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जब हमारी सरकार ने 2022 में अपनी कैबिनेट का पहला फैसला लिया था, तब हमने 30,000 सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। आज हमने पंजाब के युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करके इस वादे से कहीं अधिक करके दिखाया है। इस ऐतिहासिक भर्ती अभियान ने राज्य से युवाओं के विदेश पलायन को रोकने में मदद की है और युवा पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

राज्य के कर्ज को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने आगे कहा कि राज्य के वर्तमान फंड का 85 प्रतिशत हिस्सा पिछली सरकारों से विरासत में मिले बड़े कर्ज की अदायगी में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बोझ के बावजूद हमारी सरकार कर्ज-से-जीडीपी अनुपात को 48 प्रतिशत से घटाकर 45 प्रतिशत करने में सफल रही है और हमने पिछली सरकारों से विरासत में मिली 21,860 करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान भी किया है। इसके साथ ही राज्य ने वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के तहत निर्धारित सीमाओं का सख्ती से पालन किया है और जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने का सहारा नहीं लिया है। सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्प्शन तंत्र के माध्यम से अल्पकालिक नकदी प्रबंधन को कुशलता से संभाला गया है, जिससे राज्य कम ब्याज दरों का लाभ लेने में सक्षम हुआ है।

कल्याण योजनों के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता योजना को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे पंजाब के लोगों से की गई सभी पाँच मुख्य गारंटियां पूरी हो गई हैं। राज्य सरकार की ओर से गन्ने के बकाये का एक भी रुपया लंबित नहीं है और जो 27 करोड़ रुपये का बकाया है, वह फगवाड़ा की एक निजी मिल का है। किसानों को उनकी फसल का बनता भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इस मिल की संपत्तियां सरकार द्वारा पहले ही जब्त कर ली गई हैं।

किसानों के लिए एकमुश्त निपटारा सुनिश्चित करने संबंधी विधायक राणा इंदर प्रताप के सुझाव के जवाब में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे सुचारू बनाने के लिए घाटे में चल रहे बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं।

विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा द्वारा एमएलए स्थानीय क्षेत्र विकास फंडों के बारे में उठाए गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, “एमएलए स्थानीय क्षेत्र विकास फंड को प्रति विधायक 5 करोड़ से दोगुना करके 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे चुने हुए प्रतिनिधि व्यापक विकास प्रस्तावों को सुनिश्चित कर सकेंगे। इन फंडों के उपयोग के लिए कुछ दिशा-निर्देश हैं और विधायकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।”

विधायक नछत्तर पाल और अन्य नए चुने गए सदस्यों द्वारा उठाई गई बुनियादी ढांचे की मांगों के जवाब में पंजाब के मंत्री ने कहा, “बजट में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। पूरे राज्य में नए पुलों और सड़कों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। गृह मामलों के बजट को 7 प्रतिशत बढ़ाकर 11,577 करोड़ रुपये कर दिया गया है। नए पुलिस स्टेशनों और पुलिस लाइनों के निर्माण के लिए पूंजीगत खर्च भी 297 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 480 करोड़ रुपये कर दिया गया है।”

विधायक राणा इंदर प्रताप द्वारा स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए फंडिंग के बारे में उठाए गए मुद्दों पर बात करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो इस आवंटन को वर्ष के अंत में और बढ़ाया जा सकता है।”

विधायक सुखविंदर सुखी द्वारा निजी सहायकों और ड्राइवरों के वेतन संबंधी दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “हाउस कमेटी को अपनी सिफारिशें समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री को भेजनी चाहिए।”

कर्मचारियों के कल्याण और पेंशनों के बारे में बोलते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा, “सरकार द्वारा जनवरी 2016 से जून 2021 तक की अवधि के लिए 75 और 85 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते के बकाये का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। 1 अप्रैल से मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए शेष बकाये जारी करने के लिए भी फंड आवंटित किए गए हैं।”

पुरानी पेंशन योजना के बारे में उन्होंने कहा, “मुख्य सचिव की अगुवाई वाली एक विशेषज्ञ समिति पुरानी पेंशन योजना के वित्तीय प्रभाव का गहराई से अध्ययन कर रही है ताकि एक सुरक्षित निर्णय लिया जा सके। समिति द्वारा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को ऐसी नीतियां लागू करने के बाद सामने आई वित्तीय चुनौतियों की भी जांच की जा रही है। खुरालगढ़ में गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती मनाने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना के लिए डेरा बल्लां के पास दस एकड़ जमीन भी खरीदी गई है और जल्द ही मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा इसकी आधारशिला रखी जाएगी।”

भविष्य की पहलों के बारे में बात करते हुए पंजाब के मंत्री ने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित एक नई विश्व विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए फंड निर्धारित किए गए हैं और इस परियोजना पर काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।”

बजट पर चर्चा को समाप्त करते हुए वित्त मंत्री ने राज्य के व्यापक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के हर खेत तक पानी पहुंचाने का वादा किया है और सरकार 2027 से पहले पंजाब को खुशहाली की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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