Punjab Desk: पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा कर दिया है। सिद्धू ने अपनी इस विरासत को अगली पीढ़ी यानी अपने दोनों बच्चों, बेटी राबिया और बेटे करन के नाम करने का फैसला लिया है। इस घोषणा के साथ ही सिद्धू ने अपनी मेहनत और राजनीति को लेकर कुछ अहम बातें भी साझा की हैं।
बच्चों में संपत्ति का बंटवारा
सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने अपने दोनों घरों को बच्चों में बांट दिया है:
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अमृतसर वाला घर: यह घर बेटी राबिया के नाम किया गया है।
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पटियाला वाला पैतृक घर: सिद्धू के पिता द्वारा बनाया गया यह पुश्तैनी मकान बेटे करन को विरासत में मिलेगा।
अमृतसर के घर से जुड़ा इमोशनल वादा
सिद्धू ने बताया कि अमृतसर का घर उनके लिए खास क्यों है:
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यह घर 49,500 वर्ग फीट में फैला एक आलीशान महल जैसा है, जिसमें स्विमिंग पूल और बड़ा गार्डन है।
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सिद्धू के अनुसार, जब वह सांसद थे तो लोगों ने उन्हें ‘प्रवासी पक्षी’ कहा था। उन्होंने जनता को वादा किया था कि वह अमृतसर नहीं छोड़ेंगे और इसी वादे को निभाने के लिए उन्होंने 2014 में यह घर बनवाया।
“राजनीति से एक पैसा नहीं कमाया”
अपनी कमाई पर सफाई देते हुए सिद्धू ने स्पष्ट किया कि:
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उनके पास जो भी संपत्ति है, वह राजनीति से नहीं बल्कि उनकी अपनी मेहनत (क्रिकेट कमेंट्री, बिग बॉस, स्टार टीवी और कपिल शर्मा शो) से कमाई गई है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में रहते हुए उन्होंने अपनी सेवाओं के बदले कोई पैसा नहीं लिया।
एक नज़र सिद्धू के करियर पर: सिद्धू ने 20 साल तक क्रिकेट खेला, जिसके बाद वह कमेंट्री और टीवी की दुनिया के बड़े नाम बने। राजनीति की शुरुआत उन्होंने भाजपा से की थी और वर्तमान में वह कांग्रेस का एक प्रमुख चेहरा हैं। उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी राजनीति में सक्रिय रही हैं।