Punjab Desk: चंडीगढ़ के होटल माउंटव्यू में आयोजित “ड्राइविंग मैक्सिमम आउट ऑफ आधार” विषय पर एक विशेष कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने आधार को सुशासन और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आधार ने बैंक खातों के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को संभव बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, जिससे सहायता राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से असली लाभार्थियों तक पहुँच रही है।
राज्यपाल के साथ-साथ पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने भी आधार की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंजाब में संपत्ति के मामलों, स्वास्थ्य बीमा दावों, अनाज खरीद और पेंशन वितरण जैसी सेवाओं में आधार एक अभिन्न अंग बन गया है, जिसने प्रशासन की जटिलताओं को दूर किया है।
वहीं, UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने स्पष्ट किया कि आधार अब केवल पहचान का प्रमाण नहीं रहा, बल्कि जन्म पंजीकरण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक जीवन के हर क्षेत्र में नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का आधार बन गया है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तकनीक के बेहतर उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बढ़ाना था ताकि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सेवा वितरण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।