Haryana Desk: ;हरियाणा के अंबाला की रहने वाली 26 वर्षीय डॉ. तन्वी ने देहरादून में जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। तन्वी श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) से मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की पढ़ाई कर रही थीं और इसी साल जुलाई में उनके फाइनल एग्जाम होने वाले थे।
घटना का पता तब चला जब तन्वी के पिता डॉ. ललित मोहन ने 24 मार्च की रात उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में वे अंबाला से देहरादून पहुंचे, जहाँ इंद्रेश अस्पताल के पास तन्वी अपनी कार में बेसुध मिलीं। उनके हाथ में कैनुला लगा था और पास ही इंजेक्शन की बोतल पड़ी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता डॉ. ललित मोहन का आरोप है कि विभाग की एचओडी (HOD) डॉ. प्रियंका गुप्ता उनकी बेटी को लंबे समय से परेशान कर रही थीं। उन्होंने बताया कि एचओडी द्वारा तन्वी से रुपयों की मांग भी की गई थी। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। सुसाइड से पहले तन्वी ने अपने पिता से करीब एक घंटे बात की थी और कहा था, “मैं बहुत परेशान हो गई हूं, अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी।” तन्वी ने अपनी एचओडी के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया था, जिसे अब पुलिस और मीडिया के साथ साझा किया गया है।
देहरादून पुलिस का कहना है कि सुसाइड और प्रताड़ना के इन आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। एक होनहार डॉक्टर के इस तरह दुनिया छोड़ जाने से अंबाला और देहरादून के चिकित्सा जगत में शोक की लहर है।