कोटक महिंद्रा बैंक घोटाला: ₹150 करोड़ की हेराफेरी में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी

Haryana

पंचकूला/चंडीगढ़: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधी ब्यूरो (ACB) ने कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी रजत दहरा को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने रजत को 6 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि इस महाघोटाले की जड़ें उत्तर प्रदेश तक फैली हुई हैं।

₹70 करोड़ का ट्रांजेक्शन और ‘बिल्डर’ कनेक्शन

जांच एजेंसी ने अदालत में खुलासा किया कि नगर निगम के खजाने से हेराफेरी किए गए पैसों में से ₹70 करोड़ अकेले रजत दहरा के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। रजत ने इस भारी-भरकम राशि को आगे कई निजी बिल्डरों और अन्य लोगों को भेज दिया।

  • पहला आरोपी: इससे पहले बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में रिमांड पर है।

  • अगला कदम: दिलीप राघव ने पूछताछ में कई अहम राज उगले हैं, जिसके आधार पर अब ACB उसे उत्तर प्रदेश के कासगंज लेकर जाएगी। वहां फर्जी स्टैंप (मुहरों) की बरामदगी के लिए छापेमारी की जाएगी।

जांच में सहयोग नहीं कर रहा मुख्य आरोपी

ACB ने पंचकूला कोर्ट को बताया कि मुख्य आरोपी दिलीप राघव जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहा है। एजेंसी को उससे निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी हासिल करनी है:

  • फर्जी दस्तावेज: उन वाउचरों और चेकों का सच, जिन पर कथित तौर पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई फर्जी मुहरें लगी थीं।

  • अधिकारियों की भूमिका: बैंक और पंचकूला नगर निगम के उन वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान करना, जो इस साजिश में शामिल थे।

150 करोड़ का खेल और 4 बैंक खातों की पड़ताल

सतर्कता ब्यूरो ने कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद पंचकूला नगर निगम के चार बैंक खातों (2018 से 2025 तक के लेनदेन) की पूरी डिटेल खंगाल ली है। जांच में दो ऐसे मुख्य संदिग्धों की पहचान हुई है, जिनके खातों में ₹150 करोड़ की बड़ी रकम गई थी।

  1. रजत दहरा: गिरफ्तार हो चुका है (₹60-70 करोड़ प्राप्त किए)।

  2. दूसरा संदिग्ध: अभी फरार है और जांच में शामिल नहीं हुआ है।

निगम अधिकारियों पर भी शिकंजा

इस मामले की आंच अब नगर निगम के गलियारों तक पहुँच गई है। गुरुवार को ACB ने पंचकूला नगर निगम के वरिष्ट लेखा अधिकारी (Senior Accounts Officer) से भी कड़ी पूछताछ की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी भी संभव है।

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