Haryana Desk: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए 10वीं, 12वीं और डी.एल.एड. की परीक्षाओं के सफलतापूर्वक संपन्न होने की घोषणा की। 25 फरवरी से शुरू हुई इन परीक्षाओं का समापन बुधवार को शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, जिसमें अंतिम दिन 736 परीक्षा केंद्रों पर 12वीं कक्षा के राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क और संस्कृत व्याकरण-2 के विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। इस अंतिम परीक्षा में कुल 45,377 परीक्षार्थी शामिल हुए और पूरी प्रक्रिया नकल रहित व सुव्यवस्थित रही, जिसमें अनुचित साधनों के प्रयोग का मात्र एक मामला सामने आया।
बोर्ड अध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस वर्ष पूरे प्रदेश में अनुचित साधनों के प्रयोग के कुल 388 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे कम हैं। परीक्षा के दौरान कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले स्टाफ पर भी सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 7 मुख्य केंद्र अधीक्षक, 2 केंद्र अधीक्षक और 61 पर्यवेक्षकों को ड्यूटी से कार्यमुक्त कर दिया गया है। इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा जा चुका है। डॉ. पवन कुमार ने संतोष व्यक्त किया कि पूरी परीक्षा अवधि के दौरान प्रदेश में ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई जिससे परीक्षाओं की पवित्रता पर सवाल उठे।
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं के विशाल आयोजन के लिए प्रदेशभर में 1,433 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें कुल 5,71,767 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए। इन आंकड़ों में 10वीं कक्षा के 2,95,748, 12वीं के 2,70,663 और डी.एल.एड. के 5,356 छात्र शामिल रहे। बोर्ड ने नकल पर अंकुश लगाने के लिए ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाते हुए 325 प्रभावी उड़नदस्तों का गठन किया था। अनुशासन बनाए रखने के लिए 10वीं के दो और 12वीं के तीन केंद्रों की परीक्षाएं रद्द की गईं, जबकि तीन अन्य केंद्रों को स्थानांतरित किया गया। अंत में बोर्ड अध्यक्ष ने सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, मीडिया और समस्त शिक्षक वर्ग का आभार प्रकट किया।