Haryana Desk: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े सीबीआई (CBI) मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले ने आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ी कानूनी जीत दर्ज की है।
अदालत के बाहर भावुक हुए केजरीवाल: “मैं भ्रष्ट नहीं हूँ”
कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अरविंद केजरीवाल अपने आंसू नहीं रोक पाए। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में केवल ईमानदारी की कमाई की है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए इसे पार्टी को खत्म करने की एक “बड़ी राजनीतिक साजिश” करार दिया। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि आज अदालत के फैसले ने साबित कर दिया है कि वह और उनकी पार्टी पूरी तरह ईमानदार हैं।
सत्य की जीत और संवैधानिक भरोसा
पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज उन्हें देश के संविधान पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया। वहीं, केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि दुनिया में कोई भी शक्ति “शिव शक्ति” और “सत्य” से ऊपर नहीं हो सकती।
क्या था पूरा मामला?
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शुरुआत: दिल्ली सरकार ने कोरोना काल के दौरान ‘आबकारी नीति 2021-22’ लागू की थी।
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आरोप: इस नीति के कार्यान्वयन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
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कार्रवाई: अगस्त 2022 में सीबीआई ने 15 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी। विवाद बढ़ने पर दिल्ली सरकार ने इस नीति को रद्द कर दिया था।
