मजीठा/अमृतसर: पंजाब के मजीठा में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और पंजाब पुलिस के बीच विवाद बेहद गहरा गया है। मजीठा थाने के बाहर हुए जोरदार हंगामे और धरने के बाद, सोमवार को भारी पुलिस बल अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के निवास स्थान पर पहुंच गया। मजीठिया के घर के बाहर इस समय भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिससे इलाके में सियासी सरगर्मी और तनाव बढ़ गया है।
SHO के सरकारी क्वार्टर में बंद था कार्यकर्ता! मजीठिया ने खुद निकाला बाहर
विवाद की शुरुआत रविवार को अकाली दल के एक कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद हुई। अकाली दल ने पुलिस पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:
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थाने के बजाय क्वार्टर में रखा: अकाली दल का आरोप है कि रविवार सुबह पुलिस ने जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लिया, लेकिन उसे थाने ले जाने के बजाय एसएचओ (SHO) नरेश कुमार के सरकारी क्वार्टर के एक कमरे में अवैध रूप से बंद कर दिया गया और बाहर एक पुलिसकर्मी का पहरा लगा दिया गया।
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मजीठिया की एसएचओ से तीखी बहस: बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि जब वह जोबनप्रीत का पता लगाने थाने पहुंचे, तो वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उनकी एसएचओ से फोन पर काफी तीखी बहस हुई।
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लाइव रेड: मजीठिया अपने समर्थकों के साथ खुद एसएचओ के सरकारी क्वार्टर पहुंचे और वहां बंद जोबनप्रीत सिंह को बाहर निकाला। इसके बाद अकालियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
‘फर्जी एनकाउंटर की थी साजिश’ – अकाली दल का गंभीर आरोप
बिक्रम सिंह मजीठिया ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा:
“एएसआई (ASI) जोगा सिंह हत्याकांड में एक बेगुनाह युवक (जोबनप्रीत) को फंसाने की साजिश रची जा रही थी। उसे थाने से दूर रखने का मकसद उसका फर्जी एनकाउंटर करना था।”
पुलिस ने आरोपों को नकारा, कहा— ‘चेन स्नेचिंग का है मामला’
दूसरी तरफ, पंजाब पुलिस ने अकाली दल और बिक्रम मजीठिया द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जोबनप्रीत सिंह को एएसआई हत्याकांड के मामले में नहीं उठाया गया था। पुलिस के मुताबिक, नगर निकाय चुनाव (Local Body Elections) के दिन हुई हाथापाई और एक चेन स्नेचिंग के मामले में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए जोबनप्रीत को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने ‘फर्जी एनकाउंटर’ और ‘अवैध हिरासत’ के आरोपों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत बताया है।
फिलहाल, मजीठिया के घर के बाहर पुलिस की इस बड़ी तैनाती के बाद अकाली दल के कार्यकर्ता एकजुट होने शुरू हो गए हैं और स्थिति पर नजर बनी हुई है।