जालंधर: जालंधर में 14 दिसंबर को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त उपायुक्त अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त निषेधाज्ञा जारी की है। इन आदेशों के मुताबिक, मतदान वाले दिन पोलिंग बूथों के 200 मीटर के दायरे को एक तरह से ‘नो-एक्टिविटी जोन’ घोषित कर दिया गया है, जहां कई तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि मतदान केंद्रों के 200 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रचार, शोर-शराबा या हुल्लड़बाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को इस दायरे में प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर या बैनर लगाने की मनाही होगी। साथ ही, किसी भी राजनीतिक दल या चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर अपने निजी पोलिंग बूथ या टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी बाहरी दबाव, शोर या राजनीतिक प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
सुरक्षा के मद्देनजर मतदान केंद्रों के आसपास इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वाहनों की आवाजाही पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। आम मतदाताओं और जनता के लिए 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन, कॉर्डलेस फोन, वायरलेस सेट, लाउडस्पीकर और मेगाफोन जैसे उपकरणों का उपयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा। हालांकि, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, ऑब्जर्वर, सुरक्षाकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा, इस दायरे में आम जनता के निजी वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा; केवल राज्य चुनाव आयोग या जिला चुनाव अधिकारी द्वारा अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि ये तमाम एहतियाती कदम पंजाब राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुपालन में उठाए गए हैं ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
