गुरुग्राम: फिलीपींस-कंबोडिया से चल रहा साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, 5 गिरफ्तार

Haryana

Haryana Desk: गुरूग्राम पुलिस की साइबर सेल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक बड़े धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फिलीपींस और कंबोडिया से नियंत्रित होने वाले इस गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुरुग्राम के साइबर क्राइम थाना वेस्ट और साउथ की टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर विदेशी धरती से संचालित होने वाले सिम बॉक्स (GSM गेटवे) गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार चीन-नेपाल-बिहार के रास्ते अवैध उपकरणों की सप्लाई से जुड़े हैं।

भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों का जखीरा बरामद किया है:

  • सिम कार्ड: 504 एक्टिव सिम कार्ड।

  • सिम बॉक्स: 15 अवैध सिम बॉक्स (GSM गेटवे)।

  • अन्य उपकरण: 7 वाईफाई राउटर्स, 7 टैपो कैमरे (ह्यूमन डिटेक्शन फीचर के साथ), 42 बैटरियां, 29 वाईफाई स्विच, 7 इन्वर्टर और चाइना कार्टून बॉक्स।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग राज्यों से पांच लोगों को दबोचा है:

  1. राहुल कुमार (कासगंज, यूपी) – मुख्य हैंडलर।

  2. यश अमृत सिंह डुगर (अहमदाबाद, गुजरात) – करेंसी कनवर्टर।

  3. भाविका रमेश भगचंदानी (कच्छ, गुजरात) – कंबोडिया से संपर्क सूत्र।

  4. लितेश (जलगांव, महाराष्ट्र)।

  5. सागर (गुरुग्राम) – रूम रेंट और इंटरनेट अरेंजमेंट।

वीडियो कॉल पर सेट होता था ‘क्राइम सेंटर’

पूछताछ में मुख्य आरोपी राहुल ने बताया कि वह फिलीपींस में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में था। यह पूरा सेटअप वीडियो कॉल के माध्यम से विदेशी विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया गया था। सिम बॉक्स और अन्य उपकरण चीन के रास्ते अवैध रूप से भारत पहुंचाए गए थे।

आरोपी भाविका कंबोडिया के साथियों से जुड़ी थी, जबकि यश का काम USDT (क्रिप्टोकरेंसी) को भारतीय रुपयों में बदलना और रुपयों को वापस क्रिप्टो में कन्वर्ट करना था ताकि पैसों के लेन-देन का पता न चल सके।

मकान मालिकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित ने बताया कि गिरोह का खुलासा तब हुआ जब गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर के मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों की संदिग्ध गतिविधियों और अवैध सिम बॉक्स संचालन की शिकायत पुलिस से की। इसके बाद एसीपी प्रियांशु दीवान की अगुवाई में एसआईटी गठित कर छापेमारी की गई और इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।

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