चंडीगढ़: पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने भाजपा नेता मोहनलाल बड़ौली द्वारा नोटिस भेजने संबंधी बयान को पूरी तरह हास्यास्पद बताया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर पार्टी को किसी को नोटिस जारी करना है तो सबसे पहले रेखा शर्मा को और उसके बाद मोहनलाल बड़ौली को भेजना चाहिए।
कुलदीप बिश्नोई ने एक बयान में तीखा पलटवार करते हुए कहा, “जब शिक्षक अच्छा होता है तो विद्यार्थी जल्दी सीख जाता है। कम से कम यह अच्छा हुआ कि मेरे बोलने पर मोहनलाल बड़ौली ने चौधरी भजनलाल जी का नाम अदब से लेना सीख लिया।”
बड़ौली के “जैसा बाप, वैसा बेटा” वाले बयान पर जवाब देते हुए बिश्नोई ने कहा कि जिस पिता के बारे में एक महिला ने अमर्यादित टिप्पणी की, उस पर कार्रवाई करने के बजाय बड़ौली चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि रेखा शर्मा को नोटिस क्यों नहीं भेजा गया, जबकि उन्होंने खुले मंच पर और बाद में इंटरव्यू में भी अपना बयान दोहराया।
बिश्नोई ने आगे कहा: “मैं वही बेटा हूं, जिसके पास खुद भाजपा के नेता गठबंधन करने के लिए आए थे। मैं वही बेटा हूं जिसने हरियाणा में आपको चलना सिखाया। मैं वही बेटा हूं जिसने तीन में से दो बार आपकी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। मैं वही बेटा हूं जिसने राजस्थान में 27 में से 22 सीटों पर आपको बढ़त दिलाई।”
“जिस बेटे को आप आज चुनौती दे रहे हैं, वही आपको अर्श से फर्श पर लाने का दम रखता है। कागज के टुकड़ों वाले नोटिस से कुलदीप बिश्नोई डरने वाला नहीं है। मैं चौधरी भजनलाल जी का बेटा हूं और ऐसे नोटिसों की परवाह नहीं करता।”
बिश्नोई ने कहा कि बड़ौली का बयान उनकी अपरिपक्वता को उजागर करता है। रेखा शर्मा के बयान को गलत न मानना और केवल शब्दों के चयन को मुद्दा बनाना उनके दोहरे मापदंड को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ौली चौधरी भजनलाल जी के अपमान वाले असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा की जनता सब समझती है और समय आने पर उचित जवाब देगी।