Haryana Desk: हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने अंबाला में वाहनों के पंजीकरण में बड़े स्तर पर हुई कथित धांधली को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अंबाला के उप-मंडल कार्यालयों में तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों के वाहनों को अधूरे पतों पर रजिस्टर्ड करने का मामला सामने आने के बाद, मंत्री ने राज्य के सभी एसडीएम (SDM) और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) की गहन जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराने के निर्देश जारी किए हैं। अनिल विज ने राजस्व और परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को स्पष्ट किया है कि इस तरह की अनियमितताएं केवल अंबाला तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए पूरे राज्य स्तर पर इसकी जड़ तक पहुंचना आवश्यक है।
भ्रष्टाचार के साथ-साथ पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी मंत्री ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने रेत, धूल और मिट्टी जैसे निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं कि अब ऐसे सभी ट्रकों को तिरपाल या अन्य साधनों से ढंकना अनिवार्य होगा। जो वाहन चालक इन नियमों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और प्रदूषण नियंत्रण दिशानिर्देशों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भारी चालान काटे जाएंगे। इस संबंध में सभी जिला परिवहन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रांसपोर्टरों को जागरूक करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसें।
परिवहन मंत्री ने प्राइवेट बस ऑपरेटरों को भी कड़ा संदेश देते हुए ‘स्टेज कैरिज स्कीम-2016’ के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्राइवेट ऑपरेटरों के पास परमिट है, उन्हें अपनी बसों में छात्रों, फ्री-पास धारकों और रियायती पास धारकों को यात्रा की सुविधा अनिवार्य रूप से देनी होगी। विज ने यह भी साफ कर दिया है कि इस सेवा के लिए सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं दी जाएगी क्योंकि यह परमिट की शर्तों का हिस्सा है। प्राइवेट बस संचालकों द्वारा नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।