Haryana Desk: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने मीडिया से रूबरू होते हुए सबसे पहले अपनी ही पार्टी के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने सद्भावना यात्रा में शामिल होने के लिए पब्लिक मीटिंग की शर्त रखी थी। सैलजा ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है कि उन्हें क्या महसूस होता है, लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होगी जब राहुल गांधी हरियाणा के दौरे पर आएंगे।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर प्रहार
हिसार में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और सीआईए पुलिस के बीच हुए हालिया विवाद का जिक्र करते हुए कुमारी सैलजा ने हरियाणा की सुरक्षा स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में ‘अजीब जंगल राज’ की स्थिति पैदा हो गई है, जहाँ जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं दिख रहे और आम जनता खौफ के साये में जी रही है।
महिला आरक्षण और भाजपा की ‘राजनीति’
सदन में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर मचे हंगामे पर सैलजा ने भाजपा को इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने साल 2010 में ही राज्यसभा में इस बिल को पारित कर दिया था, लेकिन भाजपा बीते 9 सालों तक इस पर खामोश रही। अब जब चुनाव नजदीक हैं, तो भाजपा को महिलाओं के अधिकारों की याद आ रही है। उन्होंने इसे महज चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि भाजपा को महिलाओं के नाम पर राजनीति करने के लिए आत्ममंथन करना चाहिए।
भाजपा की ‘कथनी और करनी’ पर तंज
पश्चिम बंगाल चुनाव के संदर्भ में भाजपा सांसदों के भोजन से जुड़े वायरल वीडियो पर तंज कसते हुए सैलजा ने कहा कि वह किसी की व्यक्तिगत पसंद पर टिप्पणी नहीं करतीं, लेकिन भाजपा के नेताओं का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने उजागर हो चुका है। उन्होंने कहा कि ये नेता जो दिखाते हैं और जो असल में करते हैं, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है।
नगर निगम चुनाव और कांग्रेस का दावा
आगामी निकाय चुनावों को लेकर सैलजा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के भीतर ही इतने आंतरिक झगड़े चल रहे हैं कि वे चुनाव कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, इसीलिए लगातार देरी की जा रही है।