चंडीगढ़: पंजाब स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने अपने शुरुआती 90 दिनों के भीतर ही अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। अब तक 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना का हिस्सा बन चुके हैं, जो राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
तेजी से लागू होने वाली देश की पहली योजना
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 8 जनवरी, 2026 को शुरू हुई इस योजना ने रफ्तार के मामले में दूसरे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
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इलाज को मंजूरी: अब तक 1.77 लाख मामलों में मुफ्त इलाज की स्वीकृति दी जा चुकी है।
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आर्थिक राहत: कुल ₹292 करोड़ के मुफ्त इलाज को मंजूरी मिली है, जिसमें से ₹267 करोड़ का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
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दावों का निपटारा: अस्पतालों को ₹60 करोड़ का भुगतान करते हुए लगभग 71,000 दावों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है।
अस्पतालों के लिए नया भुगतान ढांचा (1 अप्रैल से)
निजी और सरकारी पैनल में शामिल अस्पतालों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया को और सरल और तेज कर दिया है:
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₹1 लाख तक के दावे: इनका निपटारा मात्र 15 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।
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बड़ी राशि वाले दावे: जमा करने के एक हफ्ते के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।
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बकाया भुगतान: 31 मार्च तक के सभी पुराने बिलों का भुगतान 15 अप्रैल तक सुनिश्चित किया जाएगा।
शिशु से लेकर बुजुर्ग तक—सबका मुफ्त इलाज
मंत्री बलबीर सिंह ने इस प्रगति को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह योजना न केवल आम आदमी की जेब का बोझ कम कर रही है, बल्कि दिल के ऑपरेशन जैसी जटिल सर्जरी को भी सुलभ बना रही है। पटियाला मेडिकल कॉलेज में हुई एक जटिल और सफल सर्जरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के हर आयु वर्ग के नागरिक के लिए वरदान साबित हो रही है।