चंडीगढ़: पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य की वित्तीय सेहत को लेकर उत्साहजनक आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने मंगलवार को घोषणा की कि आबकारी एवं कर विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित किया है, जो कि निर्धारित संशोधित लक्ष्य (11,200 करोड़ रुपये) से 582 करोड़ रुपये अधिक है।
चार साल में दोगुना हुआ राजस्व
हरपाल चीमा ने इस बड़ी कामयाबी का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की ‘व्यापार-हितैषी’ नीतियों और पारदर्शी शासन को दिया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:
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पिछले चार वर्षों के दौरान आबकारी राजस्व में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
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विभाग ने पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन के जरिए राजस्व को अधिकतम करने की अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।
भविष्य की रणनीति: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी योजनाएं साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने राजस्व के नए और ऊंचे मानक तय किए हैं:
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कुल राजस्व लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
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लाइसेंस शुल्क: नई आबकारी नीति के तहत लाइसेंस शुल्क का लक्ष्य 10,520 करोड़ रुपये तय किया गया है (जो पिछले वर्ष 9,877 करोड़ रुपये था)।
नियमों की सख्ती और बेहतर अनुपालन
चीमा ने भरोसा जताया कि सरकार मजबूत प्रवर्तन (Enforcement) और बेहतर तकनीकी अनुपालन प्रणालियों के माध्यम से इन लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस राजस्व वसूली और नियामक दक्षता के बीच एक सही संतुलन बनाए रखना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती दी जा सके।