Haryana Desk: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण के अंतर्गत ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत कर प्रदेश में एक नए डिजिटल अध्याय का सूत्रपात किया है। उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य का विधिवत शुभारंभ किया।
‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’
मुख्यमंत्री ने इस अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की आधारशिला है। उन्होंने कहा, “सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही ऐसी योजनाओं के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।”
जनगणना 2027: प्रमुख बिंदु
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डिजिटल पहल: इस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से हो रही है, जो प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन को मजबूती प्रदान करती है।
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स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिक अब घर बैठे मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in को सक्रिय किया गया है, जहाँ ओटीपी आधारित लॉगिन की सुविधा उपलब्ध है।
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समय-सीमा: * स्व-गणना: 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक।
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प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): 1 मई से 30 मई 2026 तक।
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एक ऐतिहासिक प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने स्मरण दिलाया कि भारत में व्यवस्थित जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं और हरियाणा के गठन के बाद राज्य की 6वीं जनगणना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना का डाटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और गरीब कल्याणकारी योजनाओं को दिशा देने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
प्रदेशवासियों से अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने परिवार की सही एवं पूर्ण जानकारी साझा करें। उन्होंने विश्वास जताया कि जन-भागीदारी से ही ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ का संकल्प साकार होगा।