नई दिल्ली: मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव पिछले कुछ समय से 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने और फिर अंतरिम जमानत पर बाहर आने के बाद, अब उन्होंने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है। एक हालिया पॉडकास्ट में राजपाल ने साफ किया कि उनके जेल जाने के पीछे की वजह आर्थिक तंगी नहीं, बल्कि कुछ और थी।
“5 करोड़ देना बड़ी बात नहीं थी, मामला सिद्धांतों का था”
जब राजपाल यादव से पूछा गया कि 250 से ज्यादा फिल्में करने के बाद क्या उनके लिए 5 करोड़ रुपये चुकाना मुश्किल था? इस पर अभिनेता ने बेबाकी से जवाब देते हुए कहा:
“यही तो असली सवाल है। मैं जेल इसलिए नहीं गया था कि मेरे पास पैसे नहीं थे, बल्कि यह सिद्धांतों की लड़ाई थी। यह मामला बहुत पहले 2012 में ही सुलझ गया होता, लेकिन इसे उलझाया गया।”
उन्होंने खुलासा किया कि इस विवाद के चलते उन्हें 17 से 22 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। राजपाल के अनुसार, किसी भी फिल्म प्रोजेक्ट को दर्शकों तक पहुँचने देना चाहिए था, चाहे आपसी मतभेद कितने भी हों। किसी प्रोजेक्ट का असफल होना ‘फ्रॉड’ नहीं कहलाता।
मुश्किल दौर में बॉलीवुड का साथ
अक्सर कहा जाता है कि बुरा वक्त आने पर इंडस्ट्री साथ छोड़ देती है, लेकिन राजपाल यादव का अनुभव इसके विपरीत रहा। उन्होंने फिल्म जगत से मिले समर्थन पर खुशी जताते हुए कहा:
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अटूट समर्थन: पिछले 25 वर्षों में गांव से लेकर मुंबई तक हर कोई उनके साथ खड़ा रहा।
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काम की कमी नहीं: कोई भी ऐसा निर्देशक या निर्माता नहीं है जिसने विवाद के बाद उन्हें काम देने से मना किया हो।
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इंडस्ट्री का भरोसा: राजपाल का मानना है कि अगर इंडस्ट्री उनके साथ नहीं होती, तो वह इतनी फिल्में नहीं कर पा रहे होते।
न्याय व्यवस्था पर अटूट विश्वास
राजपाल यादव ने स्पष्ट किया कि उन्हें भारत की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई उन्होंने शुरू नहीं की थी, लेकिन वह इसे सही तरीके से खत्म जरूर करेंगे। उनके अनुसार, लोगों के बीच बहुत सारी गलतफहमियां हैं और सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी।