श्री आनंदपुर साहिब से भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ का आगाज: बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पर जताया आभार

Punjab

रूपनगर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से एक ऐतिहासिक ‘शुकराना यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य हाल ही में लागू किए गए “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” के लिए ईश्वर का धन्यवाद करना है। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे।

बेअदबी रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून की मांग कर रही थी। नई सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कानून में संशोधन किया है, ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा सुरक्षित रहे और दोषियों को कठोरतम सजा मिल सके। मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि गुरुओं की इस पवित्र धरती पर अब किसी को भी धार्मिक अपमान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

तीन दिवसीय यात्रा का पूरा मार्ग

यह शुकराना यात्रा तीन दिनों तक चलेगी और पंजाब के कोने-कोने तक पहुँचेगी:

यात्रा का पहला दिन: आज यह यात्रा श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर रूपनगर, बलाचौर और बंगा से होते हुए फगवाड़ा तक पहुँचेगी। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।

यात्रा का दूसरा दिन: कल यह काफिला जालंधर से शुरू होगा और बाबा बकाला, अमृतसर, तरनतारन, जीरा, फरीदकोट होते हुए कोटकपूरा तक जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कई धार्मिक स्थलों पर भी नतमस्तक होंगे।

यात्रा का तीसरा और अंतिम दिन: अंतिम दिन की शुरुआत बठिंडा से होगी। यहाँ से यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), सरदूलगढ़, मानसा, बरनाला, सुनाम, संगरूर, समाना और पटियाला से होकर गुजरेगी। इस विशाल यात्रा का समापन श्री फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पर होगा।

सुरक्षा और उत्साह का माहौल

इस यात्रा को लेकर पंजाब पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे रूट पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने मुख्यमंत्री का आभार जताने के लिए सड़कों पर उमड़ रहे हैं। धार्मिक संस्थाओं ने भी सरकार के इस सख्त कानून की सराहना की है, जिससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।

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