चंडीगढ़/अंबाला: राजनीति में अक्सर देखा जाता है कि महापुरुषों का सम्मान केवल चुनावी नारों तक सीमित रह जाता है, लेकिन हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज इस मामले में एक अपवाद बनकर उभरे हैं। अंबाला कैंट में अपने 11 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के शहीदों और विभूतियों की स्मृतियों को संजोने के लिए धरातल पर ठोस कार्य किए हैं।
महापुरुषों के प्रति सम्मान: प्रतिमाओं की स्थापना
अनिल विज ने अंबाला कैंट के कायाकल्प के साथ-साथ यहाँ देशभक्ति का माहौल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
-
नेताजी सुभाष चंद्र बोस: उनके नाम पर पार्क का निर्माण और प्रतिमा की स्थापना।
-
शहीद भगत सिंह: उनकी प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है, जबकि सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाएं भी प्रस्तावित हैं।
-
डॉ. बी.आर. अंबेडकर: सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
-
महाराणा प्रताप: वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप की 12.5 फुट ऊंची और 16 क्विंटल वजनी धातु की भव्य प्रतिमा सदर बाजार के टी-प्वाइंट पर स्थापित की जा रही है। इसके लिए विज ने अपने स्वैच्छिक कोष से 50 लाख रुपये प्रदान किए हैं।
अंबाला शहीद स्मारक: 1857 की क्रांति का जीवंत इतिहास
अनिल विज का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 1857 की क्रांति का शहीद स्मारक है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बना यह अत्याधुनिक स्मारक अब उद्घाटन के लिए तैयार है।
-
उद्देश्य: उन ‘अनसुने वीरों’ (Unsung Heroes) को श्रद्धांजलि देना जिन्हें इतिहास की किताबों में उचित स्थान नहीं मिल सका।
-
विशेषता: यहाँ अंबाला, मेरठ, दिल्ली, झांसी की रानी, तात्या टोपे और राव तुलाराम सहित सैकड़ों क्रांतिकारियों के योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है।
-
पीएम मोदी से उम्मीद: मंत्री अनिल विज ने आशा व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस भव्य स्मारक का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में 1857 के संग्राम का उल्लेख करना इस स्मारक के महत्व को और बढ़ा देता है।
9 मई को विशेष समारोह
महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 9 मई को सुबह 11 बजे अंबाला छावनी में प्रतिमा स्थापना का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार महावीर भारती द्वारा तैयार की गई यह प्रतिमा क्षेत्र के लिए स्वाभिमान का प्रतीक बनेगी।