Sports Desk: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली करारी हार के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का गुस्सा अपनी ही टीम पर फूट पड़ा है। प्लेऑफ की रेस में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद राजस्थान ने दिल्ली के खिलाफ बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। मैच के बाद पराग ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि अगर टीम का खेल ऐसा ही रहा, तो वह टॉप-4 (प्लेऑफ) में जगह बनाने की बिल्कुल हकदार नहीं है।
दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान द्वारा दिए गए 194 रनों के लक्ष्य को 19.2 ओवरों में ही हासिल कर लिया। राजस्थान की इस हार के बाद कप्तान रियान पराग की नाराजगी के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
1. बल्लेबाजी का मोमेंटम टूटना
रियान पराग ने माना कि 14 ओवर तक टीम बेहद मजबूत स्थिति में थी और एक बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। लेकिन उनके आउट होते ही बल्लेबाजी की रफ्तार पूरी तरह थम गई। पराग के मुताबिक:
“पिच की स्थिति को देखते हुए हमें कम से कम 220 से 230 रन बनाने चाहिए थे। बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन आखिरी ओवरों में उस मोमेंटम को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके।”
2. खराब फील्डिंग और गेंदबाजी पर बरसे कप्तान
राजस्थान की हार की सबसे बड़ी वजह उनकी लचर गेंदबाजी और फील्डिंग रही। दिल्ली के बल्लेबाजों ने मैदान पर मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया। पराग ने साफ शब्दों में कहा कि आईपीएल जैसी बड़ी लीग में इस स्तर की फील्डिंग के साथ आप ट्रॉफी जीतने की उम्मीद नहीं कर सकते। उन्होंने माना कि पिछले कुछ मैचों से टीम का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है।
3. डोनोवन फरेरा को गेंदबाजी देने के फैसले का बचाव
मैच के दौरान डोनोवन फरेरा को गेंदबाजी सौंपने के फैसले पर काफी सवाल उठे। इस रणनीति का बचाव करते हुए कप्तान पराग ने कहा, “उस समय क्रीज पर दो बाएं हाथ के बल्लेबाज खेल रहे थे, इसलिए मुझे लगा कि फरेरा का विकल्प बेहतर साबित हो सकता है। बेशक यह रणनीति काम नहीं कर पाई, लेकिन मैच में आपको ऐसे जोखिम (चांस) लेने पड़ते हैं।”
4. दूसरी टीमों के भरोसे नहीं रहना चाहते पराग
राजस्थान रॉयल्स अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है, लेकिन अब उसे दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए पराग ने कहा कि वह ऐसी कप्तानी में भरोसा नहीं रखते जहां टीम को दूसरों की हार का इंतजार करना पड़े। टीम के पास अपने दम पर क्वालीफाई करने का शानदार मौका था जिसे उन्होंने गंवा दिया। अब अगले दो मैचों में दमदार वापसी करना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।