कोलकाता: रोमारियो शेपर्ड की गेंद को जब संजू सैमसन ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से बाउंड्री के पार भेजा, तो वह सिर्फ एक छक्का नहीं, बल्कि उनके बरसों के सब्र का जवाब था। घुटनों के बल बैठकर, आसमान की ओर हाथ उठाए संजू ने उस ईश्वर का शुक्रिया अदा किया, जिसने उन्हें इस ऐतिहासिक लम्हे का गवाह बनाया। वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की इस जादुई पारी ने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि संजू के करियर को एक नई ऊंचाई दे दी।
विराट कोहली का रिकॉर्ड ध्वस्त
संजू सैमसन अब टी20 वर्ल्ड कप में लक्ष्य का पीछा (Run Chase) करते हुए सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली के 2022 मेलबर्न वाले ऐतिहासिक नाबाद 82 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
किस्मत, मेहनत और ‘फिल्मी’ वापसी
संजू के लिए यह वर्ल्ड कप किसी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा है:
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शुरुआत: वह टीम की पहली पसंद नहीं थे।
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मौका: अभिषेक शर्मा के फॉर्म से जूझने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिली।
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धैर्य: जहां बाकी बल्लेबाज 27 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए, संजू एक छोर पर नदी की तरह बहते रहे। सहवाग ने भी उनकी तारीफ में कहा— “आज संजू जल्दबाजी में नहीं, बल्कि इतिहास रचने के इरादे से उतरे थे।”
दिग्गजों से सीखा ‘फिनिशिंग’ का हुनर
अपनी इस पारी के संयम और गणना (Calculation) का श्रेय संजू ने भारत के महान क्रिकेटर्स को दिया। उन्होंने मैच के बाद कहा:
“मैंने रोहित, विराट और एमएस धोनी जैसे दिग्गजों को करीब से देखा है। उनसे सीखा कि हालात के हिसाब से खेल को कैसे बदला जाता है। आज का मैच अलग था, यहाँ टिकना जरूरी था और अनुभव काम आया।”
संजू का संघर्ष: “खुद पर भी होने लगा था शक”
मैच के बाद भावुक संजू ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि यह पारी उनके लिए पूरी दुनिया है। उतार-चढ़ाव भरे करियर में एक वक्त ऐसा भी आया जब वह खुद की काबिलियत पर संदेह करने लगे थे, लेकिन ईश्वर के आशीर्वाद और अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया।
