दोस्तों, नमस्कार! स्वागत है आपका हमारे चैनल MSTV India पर, जहां हम लाते हैं सबसे हॉट और स्पाइसी टॉपिक्स जो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहे हैं। आज की वीडियो में है – संतों की दुनिया में घमासान! जी हां, जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ने प्रेमानंद महाराज जी को खुली चुनौती दे डाली है। लेकिन क्या ये सिर्फ एक चैलेंज है, या पीछे छिपी है जलन की आग?
संतों का महायुद्ध! चैलेंज या जलन?
दोस्तों, कल्पना कीजिए – वृंदावन की पवित्र भूमि, जहां भक्ति की धारा बहती है, लेकिन आज वहां तूफान आ गया है। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी बैठे हैं। शुभांकर पूछते हैं: “कई लोग प्रेमानंद जी के लिए कहते हैं कि ये चमत्कार है!” रामभद्राचार्य जी का जवाब? “कोई चमत्कार नहीं है!” फिर शुभांकर कहते हैं, “खान सर ने तो कहा कि वो भगवान का रूप हैं, बिना किडनी के भी जीवन चल रहा है!” और अब आता है वो बॉम्बशेल मोमेंट – रामभद्राचार्य जी गरजते हैं: “मैं चैलेंज करता हूं! यदि चमत्कार है तो प्रेमानंद जी मेरे सामने एक अक्षर संस्कृत बोलकर दिखा दें!”
ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से!
रामभद्राचार्य जी, जो खुद संस्कृत के महापंडित हैं, अंधे होने के बावजूद 100 से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं, वो क्यों भड़के? दोस्तों, यहां स्पाइस है – ये कुछ और नहीं, बल्कि प्रेमानंद महाराज जी की बढ़ती लोकप्रियता से चिढ़न! सोचिए, प्रेमानंद जी के यूट्यूब चैनल पर करोड़ों व्यूज, सेलेब्स उनके पास जाते हैं, युवा उनके दीवाने। वहीं रामभद्राचार्य जी, जो रामकथा के मास्टर हैं, शायद सोचते होंगे – “ये बालक (जैसा उन्होंने कहा) कैसे इतना फेमस?” ये ईर्ष्या है, प्योर जलन! संतों की दुनिया में भी कॉम्पिटिशन? हां जी, यहां भी मार्केटिंग चलती है!
दोस्तों, क्या ये चैलेंज जायज है? संस्कृत बोलना चमत्कार की कसौटी? प्रेमानंद जी भक्ति के रस में डूबे हैं, वो विद्वान होने का दावा थोड़े करते हैं! वो तो कहते हैं, “प्रेम ही सबकुछ है।” लेकिन रामभद्राचार्य जी कहते हैं, “मूर्ख लोग कथावाचन कर रहे हैं!” अरे वाह, क्या तंज!क्या प्रेमानंद जी जवाब देंगे? या चुप रहकर प्रेम का संदेश देंगे? इंतजार कीजिए, हम अपडेट लाते रहेंगे। लेकिन एक बात साफ – ये दिखाता है कि संत भी इंसान हैं, भावनाएं हैं, जलन है!
