चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी बसों (रोडवेज) में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा 25, 26 और 27 मई को घोषित तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल और मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रस्तावित धरने को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सरकार और यूनियन के बीच बातचीत का रास्ता साफ होने और 2 जून को ट्रांसपोर्ट मंत्री व वित्त मंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय पैनल बैठक तय होने के बाद यूनियन ने यह फैसला लिया है।
बैठक में किन मुख्य मांगों पर होगी चर्चा?
2 जून को होने वाली इस अहम बैठक में कच्चे कर्मचारियों के भविष्य और रोडवेज के ढांचे को लेकर कई बड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा:
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पक्का करने की मांग: लंबे समय से काम कर रहे कच्चे (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों को रेगुलर (पक्का) करना।
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ठेकेदारी प्रथा का अंत: विभाग से ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना।
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समान काम-समान वेतन: सभी कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ नीति को लागू करना।
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विभागीय बसें बढ़ाना: किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही प्राइवेट बसों को बंद कर, विभाग की अपनी सरकारी बसें चलाने की मांग।
साथियों की रिहाई और केस वापसी पर भी अड़ी यूनियन
यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक, पिछले आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस मामलों को रद्द करने और पिछले 6 महीनों से जेल में बंद अपने साथी कर्मचारियों की तुरंत रिहाई को लेकर भी सरकार से बातचीत जारी है।
मांगें पूरी न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी
जत्थेबंदी (यूनियन) ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी है। उन्होंने साफ किया है कि यदि 2 जून की पैनल बैठक में उनकी मांगों का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला, या जेल में बंद साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो बैठक के तुरंत बाद बिना कोई समय गंवाए दोबारा हड़ताल और उग्र धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।