जालंधर: जालंधर के लांबड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते नाला पुल इलाके में एक मां की सतर्कता और असाधारण बहादुरी के कारण एक बड़ी वारदात होने से टल गई। नशे में धुत एक मजदूर ने महिला की मासूम बच्ची को अगवा करने का प्रयास किया, लेकिन मां के साहस के आगे आरोपी के इरादे धरे के धरे रह गए। महिला ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को जोरदार थप्पड़ जड़कर जमीन पर गिरा दिया, जिसके बाद इकट्ठा हुए लोगों ने आरोपी को दबोच लिया।
ऑटो में बैठते समय पीछे से किया हमला
पीड़ित महिला अपनी मासूम बच्ची को दवाई दिलाने के लिए सिविल अस्पताल जाने की तैयारी में थी। वह नाला पुल के पास सड़क किनारे ऑटो का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति काफी देर से उसका पीछा कर रहा था।
जैसे ही महिला ऑटो में बैठने लगी, मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने पीछे से बच्ची के मुंह पर कपड़ा डाल दिया ताकि वह शोर न मचा सके और उसे खींचने की कोशिश की। लेकिन मां की फुर्ती और बहादुरी के कारण आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका।
भीड़ ने हाथ-पैर बांधकर पुलिस को सौंपा, आरोपी देता रहा धमकियां
पकड़े जाने के बाद खुद को घिरता देख आरोपी बहाने बनाने लगा। उसने दावा किया कि वह बच्ची को किडनैप नहीं कर रहा था, बल्कि सिर्फ टॉफी देने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, वहां मौजूद लोग उसकी इस करतूत को समझ गए।
जब आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, तो स्थानीय लोगों ने उसे दबोच लिया और रस्सी से उसके हाथ-पैर बांध दिए। हैरान करने वाली बात यह रही कि पकड़े जाने के बाद भी आरोपी के हौसले बुलंद थे और वह लोगों के सामने ही पीड़ित परिवार को धमकी दे रहा था कि वह जेल से जल्द ही बाहर आ जाएगा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पंजाब पुलिस की तत्परता और कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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देरी से पहुंची पुलिस: पीड़ित महिला का आरोप है कि वारदात के तुरंत बाद आपातकालीन नंबर 100 और 112 पर लगातार कॉल की गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस करीब सवा घंटे (75 मिनट) की देरी से मौके पर पहुंची।
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बयान दर्ज नहीं किया: महिला ने यह भी बताया कि पुलिस आरोपी को पकड़कर अपने साथ थाने तो ले गई, लेकिन मौके पर पीड़ितों का कोई आधिकारिक बयान दर्ज नहीं किया गया।