यमुनानगर माइनिंग जोन में केंद्रीय टीम का औचक निरीक्षण, NGT नियमों की अनदेखी पर स्टोन क्रशर होंगे सील!

Haryana

Haryana Desk: हरियाणा के यमुनानगर स्थित बल्लेवाला और डोईवाला माइनिंग जोन में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की टीम ने अचानक छापेमारी की। इस CPCB Raid Yamunanagar Stone Crusher कार्रवाई के दौरान टीम ने क्षेत्र में चल रहे कई स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों का औचक निरीक्षण किया। इस रेड का मुख्य उद्देश्य नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के पर्यावरण संरक्षण संबंधी कड़े दिशा-निर्देशों की जमीनी हकीकत को जांचना था।

इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था, डस्ट बैग सिस्टम, हरित क्षेत्र विकास (वृक्षारोपण), सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और डस्ट कंट्रोल सिस्टम का बेहद बारीकी से परीक्षण किया।

15 दिनों में देना होगा जवाब, वरना सीधे होगी सीलिंग

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ (SDO) आकाश मिश्रा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह औचक निरीक्षण NGT के आदेशों के अनुपालन की समीक्षा के लिए किया गया था। जांच के दौरान यह देखा गया कि स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों ने प्रदूषण रोकने के मानकों को कितना लागू किया है।

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक:

  • 10 से 12 यूनिट्स की जांच: टीम ने करीब एक दर्जन स्क्रीनिंग प्लांट और स्टोन क्रशर यूनिटों के दस्तावेजों और पर्यावरण सुरक्षा मानकों को खंगाला।

  • तैयार होगी रिपोर्ट: निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जा रही है।

  • मिलेगा नोटिस: जिन भी यूनिटों में अनियमितताएं या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

कड़ी चेतावनी: अधिकारियों ने साफ किया है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अगर संचालकों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो संबंधित यूनिटों को तुरंत सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन पर भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

NGT के नए नियमों को लेकर प्रशासन सख्त

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने स्टोन क्रशर और माइनिंग जोन के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर प्लांट में धूल को दबाने के लिए पानी के फव्वारे, पर्याप्त हरियाली, सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक डस्ट कंट्रोल सिस्टम लगाना अनिवार्य है।

केंद्रीय टीम की इस औचक कार्रवाई के बाद से ही पूरे क्षेत्र के माइनिंग और स्टोन क्रशर कारोबारियों में खलबली मची हुई है। इस जांच अभियान के दौरान सीपीसीबी की टीम के साथ बीडीपीओ कार्तिक चौहान, कलेसर वन विभाग के रेंज अधिकारी राजीव कुमार और यमुनानगर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ विभम नायक सहित कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *