अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में 12वीं कक्षा की छात्रा अमजोत कौर द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन में आ गई है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए साफ कर दिया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षा मंत्री के अनुसार, इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और स्कूल प्रबंधन सहित हर दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दुखद मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीडीआईएस (DDIS) स्कूल, फतेहगढ़ चूडियां रोड की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अमृतसर के एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि नामजद आरोपी फिलहाल फरार हैं और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी (रेड) कर रही है।
10वीं का सर्टिफिकेट रोकने और फीस को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप
मृतक छात्रा अमजोत कौर अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसने इसी स्कूल से 11वीं कक्षा पास की थी।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अमजोत को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था:
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सर्टिफिकेट रोकने का आरोप: स्कूल प्रशासन छात्रा को उसकी 10वीं कक्षा का मूल सर्टिफिकेट (Certificate) नहीं दे रहा था।
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फीस का दबाव: स्कूल की ओर से फीस न देने को लेकर भी छात्रा पर लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा था।
नया खुलासा: ‘चरित्र पर उठाए जाते थे सवाल, करवाए जाते थे घरेलू काम’
इस मामले की जांच में अब कई बेहद चौंकाने वाले और शर्मनाक खुलासे सामने आए हैं। पुलिस तफ्तीश और परिजनों के बयानों के अनुसार, स्कूल में छात्रा के चरित्र पर भी कीचड़ उछाला जाता था।
इसके अलावा, आरोपी प्रिंसिपल और क्लास टीचर पर यह भी आरोप है कि वे छात्रा से अपने निजी और घरेलू काम जबरन करवाते थे।
फेल करने की धमकी: परिवार ने बताया कि जब भी अमजोत उनके घरेलू काम करने से मना करती थी, तो उसे परीक्षा में फेल करने और इंटरनल असेसमेंट के नंबर काटने की धमकियां दी जाती थीं। इस लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अंततः छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।