जालंधर: पंजाब की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जालंधर सेंट्रल से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक रमन अरोड़ा मंगलवार (2 जून) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर स्थित कार्यालय में पेश हुए। मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक मामले में केंद्रीय एजेंसी के समन पर कार्रवाई करते हुए विधायक आज सुबह ही अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हो गए, जहां प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया जा रहा है।
ED दफ्तर पहुंचने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा मानकों के तहत अधिकारियों द्वारा विधायक रमन अरोड़ा का मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान एक बॉक्स में जमा करवाया जा रहा है।
विजिलेंस की FIR बनी ED की जांच का आधार
सूत्रों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा विधायक के खिलाफ दर्ज की गई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) की एफआईआर पर आधारित है। विजिलेंस ने रमन अरोड़ा पर करीब 1.10 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति रखने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भी लिया गया था। विजिलेंस इस मामले में पहले ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
अवैध निर्माण की आड़ में वसूली का आरोप
विजिलेंस ब्यूरो की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि विधायक रमन अरोड़ा ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर एक कथित नेक्सस चलाया। आरोप है कि इन्होंने जालंधर की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अवैध रूप से सीलिंग और तोड़फोड़ के नोटिस जारी किए। बाद में इन नोटिसों को रफा-दफा करने के बदले में बिल्डिंग मालिकों से मोटी रिश्वत और अवैध वसूली (Extortion) की गई। इसके अलावा, पिछले साल 23 अगस्त को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी अरोड़ा के खिलाफ रंगदारी का एक मामला दर्ज किया था, जिसमें 22 सितंबर को जालंधर कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। अब इसी केस की कड़ियों को जोड़ते हुए केंद्रीय एजेंसी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से अपनी जांच तेज कर दी है।बड़ी खबर: ED के सामने पेश हुए जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा, मोबाइल जब्त कर पूछताछ शुरू
ED की कार्रवाई: आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा आज जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे। समन के मुताबिक उन्हें 2 जून को पेश होने के आदेश थे।
अंदर जाने का वीडियो: ED दफ्तर से रमन अरोड़ा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पूछताछ से पहले नियमानुसार उनका फोन और सामान बाहर ही जमा करा लिया गया।
क्या है पूरा मामला? पंजाब विजिलेंस ने विधायक पर 1.10 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया था। इसी FIR को आधार बनाकर ED अब मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है।
गंभीर आरोप: आरोप है कि विधायक ने ATP सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर शहर के व्यापारियों को सीलिंग की धमकियां दीं और मामलों को सुलझाने के नाम पर अवैध वसूली की।
दर्ज हैं कई केस: आय से अधिक संपत्ति के अलावा पिछले साल अगस्त में जालंधर पुलिस ने भी अरोड़ा पर रंगदारी का मामला दर्ज किया था, जिसमें फिलहाल वह जमानत पर हैं।