पेरिस: यूक्रेन की 23 वर्षीय टेनिस स्टार मार्ता कोस्त्युक ने पेरिस में कमाल कर दिया है। उन्होंने फ्रेंच ओपन 2026 (French Open 2026) के कोर्ट पर वह इतिहास रचा है, जिसकी गूंज खेल जगत से कहीं आगे तक जा रही है।
टूर्नामेंट की 15वीं वरीयता प्राप्त कोस्त्युक ने लगातार दो बड़े उलटफेर किए हैं। उन्होंने पहले चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक को हराया। इसके बाद उन्होंने 7वीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना को भी धूल चटा दी।
इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ कोस्त्युक पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंची हैं। ओपन एरा के इतिहास में यह एक बड़ा रिकॉर्ड है। वे फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली यूक्रेन की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
क्ले कोर्ट पर मार्ता कोस्त्युक का अविश्वसनीय रिकॉर्ड
मार्ता कोस्त्युक इस समय लाल बजरी पर बेमिसाल टेनिस खेल रही हैं। उन्होंने पिछले महीने मैड्रिड ओपन का खिताब जीता था। कोस्त्युक इस समय क्ले कोर्ट पर लगातार 17 मैच जीत चुकी हैं।
डब्ल्यूटीए (WTA) रैंकिंग की शुरुआत के बाद से वे इतिहास की केवल दूसरी ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने क्ले-कोर्ट पर ऐसा शानदार रिकॉर्ड बनाया है। उनसे पहले साल 2005 में जस्टिन हेनिन ने यह कारनामा किया था। इस बेहतरीन फॉर्म को देखते हुए सट्टा बाजार ने भी उन्हें खिताब का बड़ा दावेदार माना है।
युद्ध के सायरन और टेनिस का कड़ा अभ्यास
कोस्त्युक की यह कहानी सिर्फ खेल के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इस ऐतिहासिक सफर के पीछे एक गहरा दर्द छिपा है। वे हर वक्त इस दर्द को अपने सीने में दबाए कोर्ट पर उतरती हैं।
फरवरी 2022 से यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से कोस्त्युक लगातार इस युद्ध के खिलाफ मुखर रही हैं। युद्ध के दौरान भी उन्होंने कीव में टेनिस का अभ्यास जारी रखा। उस समय उनके घर के बाहर हवाई हमले के सायरन गूंज रहे होते थे।
देश के संघर्ष को बनाया अपनी सबसे बड़ी ताकत
कोस्त्युक ने अपने देश के हालातों को लेकर दुनिया के सामने खुलकर बात की है। उन्होंने बमबारी के बीच खेलने की भारी मानसिक कीमत के बारे में दुनिया को बताया है।
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देश का समर्थन: जब भी वे कोर्ट पर उतरती हैं, स्टैंड्स में यूक्रेन का झंडा लहराता है।
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प्रेरणादायक कहानी: पूरा देश अपनी इस बेटी को इतिहास रचते हुए गर्व से देख रहा है।
अपने देश के संघर्ष को ताकत बनाकर कोस्त्युक अब फ्रेंच ओपन की ट्रॉफी से महज दो कदम दूर हैं। सायरनों के खौफ के बीच से निकलकर सेमीफाइनल तक पहुंचना खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है।