चंडीगढ़/पंजाब न्यूज़: पंजाब से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पंजाब सिविल सचिवालय (Punjab Secretariat) और राज्य के कई ऐतिहासिक व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस धमकी भरे ई-मेल के सामने आने के बाद राज्य के प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में सभी लक्षित (Targeted) परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कंट्रोल रूम में आया संदिग्ध ई-मेल, विस्फोटक होने का दावा
मिली जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा ई-मेल आज पंजाब सचिवालय के मुख्य कंट्रोल रूम को प्राप्त हुआ। इस ई-मेल में बेहद चौंकाने वाला दावा किया गया था कि सचिवालय भवन परिसर के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (Explosives) छिपाकर रखी गई है। जैसे ही यह सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंची, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन मोड में आ गईं और पूरे सचिवालय परिसर को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया।

इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों को भी उड़ाने की दी गई धमकी
चिंता की बात यह है कि इस धमकी भरे ई-मेल में केवल सचिवालय ही नहीं, बल्कि पंजाब के कई आस्था केंद्रों और प्रसिद्ध मंदिरों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। ई-मेल में मुख्य रूप से इन धार्मिक स्थलों के नाम शामिल हैं:
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दुर्ग्याणा मंदिर (अमृतसर)
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देवी तालाब मंदिर (जालंधर)
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मुक्तेश्वर मंदिर
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मैसर मंदिर
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काकी देवी मंदिर
सुरक्षा कड़े करने के निर्देश: खुफिया इनपुट और इन पवित्र स्थलों के नाम सामने आने के बाद, संबंधित जिलों की पुलिस को तुरंत अलर्ट कर दिया गया है। इन सभी मंदिरों के आसपास सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत कर दिया गया है।
चप्पे-चप्पे पर पहरा: सचिवालय में एंट्री के नियम हुए सख्त
इस धमकी के बाद चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य किला बना दिया गया है।
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मुख्य प्रवेश द्वारों (Entry Gates) पर अतिरिक्त पुलिस बल और कमांडो तैनात कर दिए गए हैं।
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सचिवालय में आने-जाने वाले सभी कर्मचारियों और आगंतुकों (Visitors) की मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की जा रही है।
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बिना पुख्ता पहचान पत्र (ID Card) और अनुमति के किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने भी तलाशी अभियान चलाया है।
आईपी एड्रेस ट्रैक करने में जुटी साइबर सेल की टीमें
इस कायराना हरकत के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए पंजाब पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों (Cyber Experts) की विशेष टीमों को काम पर लगा दिया गया है।
अधिकारी इस समय डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ई-मेल किस सर्वर या आईपी एड्रेस (IP Address) से भेजा गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चाहे देश में हो या विदेश में, उसे जल्द ही ट्रैक कर कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।